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ब्याज के रुपए नहीं लौटाने पर शेयर दलाल का अपहरण

कुछ ही घंटों में पुलिस ने अपहर्ताओं को दबोच कर मुक्त कराया

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बारडोली. बारडोली से हुए शेयर दलाल के अपहरण की गुत्थी पुलिस ने कुछ ही घंटों में सुलझाते हुए पांच जनों को गिरफ्तार कर शेयर दलाल को मुक्त करवाया। पुलिस के मुताबिक ब्याज के रुपए नहीं लौटाने पर शेयर दलाल का अपहरण किया गया था।


मूल कामरेज तहसील के वलणगांव और फिलहाल बारडोली के बाबेनगांव में लाइफ स्टाइल अपार्टमेंट में रहनेवाला संजीव चंद्रकांत उपाध्याय शेयर दलाल है और बारडोली स्टेशन रोड के मुदीत पैलेस में मारवाड़ी शेयर बाजार में व्यवसाय करता है। बुधवार वह कार से ऑफिस पहुंच रहा था, तभी रास्ते में ही कुछ लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। बाद में अपहर्ताओं ने उससे पत्नी तेजल को फोन करवाया और पांच लाख रुपए की फिरौती की मांग की। पति के अपहरण की हकीकत सुनते ही तेजल के पैरों तले से जमीन खिसक गई। उसने इसकी जानकारी सूरत निवासी संजीव की बुआ को दी। इसके बाद दोनों ने बारडोली थाने में शिकायत दर्ज करवाई। अपहरण की गंभीर घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने स्टेट कन्ट्रोल रूम को सूचना देकर नाका बंदी करवा दी। वहीं एसओजी तथा एलसीबी की अलग-अलग टीम बनाकर अपहर्ताओं की खोज शुरू कर दी। पुलिस मोबाइल सर्वेलेंस पर नजर रखे हुई थी, तभी सूचना मिली कि शेयर दलाल का अपहरण करने वाले आणंद के वासदगांव के पास से गुजरने वाले है। बारडोली पुलिस ने वासद पुलिस को अलर्ट कर दिया। वासद पुलिस ने निगरानी रख सूचना के मुताबिक वाली दो कार पकड़ी और पांच जनों को दबोच कर संजीव को उनकी चुंगल से मुक्त करवाया। बारडोली पुलिस के मुताबिक पकड़े गए अभियुक्तों में भावगनर आखलोल जकातनाका निवासी सुरेश वल्लभ मिस्त्री, जूनागढ़ मेमणवाडा निवासी आमिरखआन हासिमखान पठान, जूनागढ़ यमुनानगर निवासी धर्मेश चुनीलाल देसाणी, इमरानशा रजाकशा शाहमदार और जूनागढ़ हर्षदनगर निवासी हितेश हीरा लोखिल है। पुलिसने बताया कि संजीव ने अभियुक्त सुरेश वल्लभ मिस्त्री से ब्याज से रुपए लिए थे, लेकिन वह लौटा नहीं रहा था। रुपयों की वसूली के लिए उसका अपहरण किया गया था। पांचो अभियुक्तों को बारडोली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।


मोबाइल पर लोकेशन भेजा, और पुलिस अपहर्ताओं तक पहुंची


अपहर्ताओं की ओर से पांच लाख रुपए की मांग की जाने पर संजीव ने सूरत निवासी अपनी बुआ को फोन कर पांच लाख रुपए आंगडिय़ा के जरिए भेजने को कहा। इस दौरान उसने चालाकी से अपना लोकेशन भी बुआ को भेज दिया, जिसमें संजीव का लोकेशन आणंद के वासद के पास होने का पता चला। पुलिस ने लोकेशन के आधार पर वासद पुलिस को इसकी जानकारी दी और अपहर्ता पकड़े गए।