
शिरडी पैदल यात्रा का चल पड़ा दौर
सूरत. दीपावली के बाद सांईबाबा के शिरडी धाम पैदल यात्रा का दौर भाईदूज शुक्रवार के साथ शुरू हो गया। यात्रा का सिलसिला लाभपंचमी सोमवार तक चलेगा और इस दौरान शहर से हजारों श्रद्धालु शिरडी के लिए रवाना होंगे। 10-12 दिवसीय पैदल यात्रा के दौरान महिला-पुरुष के अलावा बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।
दीपावली पूजन और नूतन वर्ष के बाद भाईदूज शुक्रवार सुबह से शिरडी पदयात्रा का सिलसिला शहर में प्रारम्भ हो गया है। शहर के कई क्षेत्र के सांईबाबा मंदिर में सुबह दर्शन-पूजन के बाद सांईभक्त महिला-पुरुष व बच्चे-बुजुर्ग पदयात्रा में शामिल होने लगे हैं। चौटा बाजार के पुराने सांईबाबा मंदिर में पैदल यात्रा में शामिल यात्रियों का दर्शन के लिए तांता लगा रहा। इसके बाद डीजे पर गूंजती सांईभक्ति की धुन और पीछे-पीछे पैदल चलते पदयात्रियों का उत्साह पुणाकुंभारिया रोड व नवसारी रोड पर देखने को मिल रहा है। सूरत से शिरडी करीब साढ़े तीन सौ किमी लम्बी दूरी हजारों पदयात्री 10-12 दिन में तय करेंगे और इस दौरान वे प्रतिदिन 30-35 किमी की यात्रा के बाद बारडोली, महुवा, वघई आदि अलग-अलग स्थलों पर विश्राम करेंगे। यात्रा के दौरान ज्यादातर मंडल के सदस्य सजी-धजी पालकी में सांईबाबा की प्रतिमा साथ लेकर रवाना हुए हैं।
व्यंजनों की सजी झांकी
नूतन वर्ष के मौके पर अडाजण के श्रीस्वामीनारायण मंदिर प्रांगण में अन्नकूट महोत्सव का आयोजन गुरुवार को किया गया। इस दौरान भगवान स्वामीनारायण के समक्ष 1400 व्यंजन परोसे गए। बोचासणवासी श्रीअक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था की ओर से महंत मंदिर प्रांगण में आयोजित अन्नकूट महोत्सव के दर्शन करने मंदिर प्रांगण में हजारों श्रद्धालु पहुंचे। वहीं, सैयदपुरा के स्वामीनारायण मंदिर में भगवान की भारी-भरकम पगड़ी भी नूतन वर्ष के मौके पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ रखी गई।
ज्ञानपंचमी पूजन
जैन धर्मावलंबियों की ओर से सोमवार को ज्ञानपंचमी सोमवार को मनाई जाएगी। शहर में विराजित विभिन्न गुरु-भगवंतों के सानिध्य में कैलाशनगर, गोपीपुरा, अठवागेट, कतारगांव, उमरा आदि के उपाश्रयों में आगम ग्रंथ व ज्ञान संबंधी उपकरणों का पूजन किया जाएगा। जिनालयों में स्नात्र महोत्सव, प्रवचन, सामायिक आदि कार्यक्रम होंगे।
Published on:
11 Nov 2018 06:14 pm
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