
सालासर दरबार में गूंजे जयकारे
सूरत. सिटीलाइट के माहेश्वरी भवन में रविवार सुबह से हनुमद्नाम का जाप शुरू हुआ जो कि रात देर तक चलता रहा। श्री हनुमान चालीसा 108 अखण्ड पाठ का आयोजन श्रीरामभक्त मंडल के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष में किया गया। इस दौरान विभिन्न मंडलों व सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में भाग लिया।
मंडल के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम की शुरुआत सुबह भवन में आकर्षक तरीके से शृंगारित सालासर हनुमान के दरबार में अखण्ड ज्योत प्रज्ज्वलन से की गई। इसके बाद पहले डेढ़-दो घंटे तक आयोजक श्रीरामभक्त मंडल के दर्जनों सदस्यों ने हनुमान चालीसा के अखण्ड पाठ का जाप किया और बीच-बीच में भजनों की सरिता बहाई। इसके बाद आमंत्रित सुंदरकाण्ड मंडल के सदस्यों ने अखण्ड पाठ में भाग लिया। पाठ के दौरान शामिल हुए मंडलों में आयोजक श्रीरामभक्त मंडल के अलावा श्री माहेश्वरी सत्संग समिति, श्री मॉडलटाउन मानस मंडल, श्रीसूरत रेलवे स्टेशन कुली हनुमान भक्त मंडल, श्री बालाजी सुंदरकाण्ड मंडल, श्री दाधीच महिला सुंदरकाण्ड मंडल व श्री सालासर मंडल शामिल रहे। इस अवसर पर सालासर दरबार के समक्ष सवामणि का भोग भी परोसा गया। वार्षिकोत्सव के समापन पर महाप्रसादी का आयोजन किया गया।
वहीं, मंडल के बहुआयामी प्रकल्प सीनियर सिटीजन हैप्पी होम श्रीरामकुंज के निर्माण की तैयारियों की योजना भी बनाई गई। चिड़ावा के मालाणी परिवार के सहयोग से श्रीरामकुंज में सत्संग हॉल, डिस्पेंसरी, पुस्तकालय, अन्नपूर्णा कक्ष, इंडोर गेम रुम, उद्यान के निमार्ण भी प्रस्तावित है।
धर्म और पर्यावरण का संगम
राजस्थान पत्रिका के हरित प्रदेश अभियान के दौरान इन दिनों शहर में धर्म और पर्यावरण का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। शनिवार को सिटीलाइट के राणी सती मंदिर में दर्शनार्थियों की धार्मिक आस्था के बीच हरे-भरे पौधे वितरित कर उनमें पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन की जड़ें मजबूत करने का कार्य भी पर्यावरण प्रेमी संस्था नेशन फस्र्ट के सहयोग से किया गया। वहीं, यह सिलसिला रविवार सुबह सिटीलाइट के ही माहेश्वरी भवन में श्रीरामभक्त मंडल के वार्षिकोत्सव मौके पर आयोजित 108 श्रीहनुमान चालीसा पाठ अखण्ड पाठ के दौरान भी चला। इस मौके पर भवन परिसर में नेशन फस्र्ट के महेश चांडक, कविता चांडक, ऋषि व्यास, सौरभ सोनी, राकेश पटनेचा, विशाल राठी, नितिन रुपरेलिया आदि ने हनुमान चालीसा के अखण्ड पाठ में भाग लेने आए श्रद्धालुओं को एक हजार से अधिक नीम, गुलमोहर, आसोपालव, बोरसली व अशोक प्रजाति के पौधे वितरित किए।
Published on:
09 Sept 2018 08:58 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
