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श्राद्ध पक्ष में ग्राहकी के आसार

पहले नोटबंदी और बाद में जीएसटी को लेकर त्रस्त कपड़ा बाजार के लिए श्राद्ध पक्ष उम्मीदें लेकर आया है। श्राद्ध पक्ष की शुरुआत के बाद बाहरी मंडियों के...

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सूरत।पहले नोटबंदी और बाद में जीएसटी को लेकर त्रस्त कपड़ा बाजार के लिए श्राद्ध पक्ष उम्मीदें लेकर आया है। श्राद्ध पक्ष की शुरुआत के बाद बाहरी मंडियों के कपड़ा व्यापारी सूरत पहुंचने लगे हैं। उम्मीद है कि अगले सप्ताह कपड़ा बाजार में ग्राहकी का माहौल दिखने लगेगा।

देश-दुनिया की जानी-मानी सूरत कपड़ा मंडी दो साल से मंदी से जूझ रही है। आए दिन कपड़ा बाजार को मायूस करने वाली खबरें ही ज्यादा मिलती हैं। सोलह दिवसीय श्राद्ध पक्ष में कपड़ा बाजार में ग्राहकी निकलने की खबर से कपड़ा व्यापारियों में उम्मीद जगी है। श्राद्ध पक्ष के पहले तीन दिन कपड़ा बाजार में धीमी गति से ग्राहकी की सुगबुगाहट हुई। कपड़ा व्यापारियों को अगले सप्ताह की शुरुआत तक इसमें तेजी आने की उम्मीद है। श्राद्ध पक्ष के दौरान अन्य प्रदेशों के हजारों व्यापारी कपड़े की खरीदारी के लिए सूरत आते हैं।

यह सिलसिला शुरू हो गया है। आम तौर पर श्राद्ध पक्ष में शुभ खरीदारी टाली जाती है, लेकिन सूरत कपड़ा मंडी में यह मान्यता नहीं है। कपड़ा व्यापारी बताते हैं कि श्राद्ध पक्ष के बाद नवरात्र, दुर्गा पूजा, दीपावली और वैवाहिक सावों की शुरुआत होती है। इस दौरान देशभर में साड़ी-ड्रेस और अन्य कपड़ा मैटेरियल की खूब बिक्री होती है। श्राद्ध पक्ष में बुक करवाया गया माल बाहरी मंडियों में व्यापारियों के यहां पहुंचने में 8 से 10 दिन लग जाते हैं और उन्हें व्यापार के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है। इसीलिए ज्यादातर व्यापारी श्राद्ध पक्ष में खरीदारी के लिए सूरत आते हैं।


कपड़ा बाजार में ग्राहकी के प्रत्येक सीजन के लिए स्थानीय कपड़ा व्यापारी अलग-अलग तरीके से तैयारियां करते हैं। व्यापारियों ने श्राद्ध पक्ष की ग्राहकी के लिए भी तैयारियां की हैं। बाहरी मंडियों के व्यापारियों को इस बार कपड़ा बाजार में नए-नए फेब्रिक्स मिलेंगे। कपड़ा मंडी की सदाबहार क्वॉलिटी दाणी, रेनियल, 60 ग्राम, वेटलैस आदि कपड़ों के अलावा नई क्वॉलिटी ने भी अच्छी जगह बना ली है। इनमें मॉस शिफॉन, विचित्रा, क्रिस्टल, ऑर्गेन्जा, रंगोली समेत अन्य नए फेब्रिक्स शामिल हैं।


हर साल ग्राहकी

श्राद्ध पक्ष के दौरान कपड़ा बाजार में हर साल ग्राहकी रहती है। हालांकि पिछले दो साल के जौरान नोटबंदी और जीएसटी के कारण यह सीजन आंशिक तौर पर प्रभावित हुआ है। ब्रजमोहन अग्रवाल, कपड़ा व्यापारी, सिल्कसिटी मार्केट


ग्राहकी की आस

देश की अधिकांश छोटी-बड़ी कपड़ा मंडियों के हजारों व्यापारी श्राद्ध पक्ष के दौरान सूरत पहुंचते हैं। इस बार भी सोलह दिवसीय अवधि में अच्छी ग्राहकी के आसार हैं। सुशील गाडोदिया, कपड़ा व्यापारी, मिलेनियम मार्केट

नए फेब्रिक्स उतारे

श्राद्ध पक्ष में खरीदारी की उम्मीद को लेकर स्थानीय कपड़ा व्यापारियों ने पुरानी जानी-पहचानी क्वॉलिटी के अलावा इस बार नए फेब्रिक्स पर भी अच्छा-खासा कार्य किया है। कपीश खाटूवाला, कपड़ा व्यापारी, अभिषेक मार्केट

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