
GAU KATHA : चार पंक्तियों में नहीं सिमट सकती गौ माता -गोपालानंद सरस्वती
सूरत. पथमेडा गोधाम महातीर्थ के विशाल गोवंश की सेवार्थ स्वामी दत्तशरणानंद महाराज की पावन प्रेरणा से गोडादरा महाराणा प्रताप चौक के निकट श्री कृष्णा स्टेलर निर्मित वेदलक्षणा धाम में रविवार से श्री गोकृपा कथा महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। दस दिसम्बर तक कथा प्रतिदिन सांय 6.30 से रात्रि 10 बजे के मध्य होगी।
कथा के निमित्त रविवार सुबह नौ बजे बृजभूमि व ऋषि विहार के निकट स्थित श्री कष्ट भंजन हनुमान मंदिर से विशाल कलश यात्रा निकलेगी, जो कथापंडाल तक पहुंचेगी। कलश यात्रा एवम कथा श्रवण लाभ हेतु साध्वी श्रद्धा दीदी विगत कई दिनों से सोसायटी सम्पर्क अभियान चला कर सुपारी व पीले चावल प्रदान किए गए हैं।
शुक्रवार को आयोजित प्रेस वार्ता में स्वामी गोपालानंद सरस्वती ने बताया कि इस महोत्सव में वैज्ञानिक ढंग से गोमाता का महत्व बताया जाएगा। क्योंकि वर्तमान शिक्षा प्रणाली में यह सब नहीं बताया जा रहा हैं। गोमाता को चार पक्तियों तक सीमित कर दिया गया है।
मोटे तौर पर यही कहा जाता है कि गाय से हमें दूध मिलता हैंं, जबकि गोमाता हमारे संपूर्ण जीवन व इको सिस्टम के लिए अति महत्वपूर्ण है। दूध तो अतिरिक्त उत्पाद है जो हमें मिलता है। प्राकृतिक खाद के जरिए शुद्ध भोजन व विभिन्न औषधियां मिलती हंै।
विदेशों में आजकल तनाव व मानसिक विकारों से ग्रसित रोगियों को गो सेवा की थैरेपी दी जा रही हैं। इससे रोगी ठीक हो रहे हैं। पुरानत काल में हम भारतीय गोमाता के महत्व को समझते थे, इसलिए हम विश्व में सोने की चिडिय़ा कहलाते थे।
दस साल बाद सूरत पहुंची गौ पर्यावरण पद यात्रा
दस वर्ष पूर्व राजस्थान के उदयपुर के निकट स्थित महाराप्रताप की शौर्य भूमि हल्दी घाटी से रवाना हुई गौ पर्यावरण पद यात्रा सूरत पहुंची। देश भर में 98 हजार किलोमीटर का सफर कर चुकी यह पद यात्रा गत वर्ष 4 दिसम्बर को अहमदाबाद पहुंची थी। उस दौरान वहां गोकथा का आयोजन किया गया था। कथा स्थल पर गोमाता से मिले शुद्र भोजन प्रसाद होगा। साथ ही चिकित्सकों द्वारा रोगियों की जांच कर उन्हें औषधियां भी उपलब्ध करवाई जाएगी।
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Published on:
04 Dec 2022 05:16 pm
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