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सिलवासा के सतमालिया अभ्यारण्य पर्यटकों से हुआ गुलजार

सतमालिया अभ्यारण्य, म्युजियम, कला केन्द्र, दादरा गार्डन, दुधनी जेटी, दादरा उद्यान, खानवेल बटरफ्लाई, नक्षत्र वन पर बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचने लगे है। इन दिनों दपाड़ा सतमालिया में पूरे दिन सैलानियों को देखे जा सकता है

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सिलवासा के सतमालिया अभ्यारण्य पर्यटकों से हुआ गुलजार

सिलवासा के सतमालिया अभ्यारण्य पर्यटकों से हुआ गुलजार

सिलवासा. होली पर बदलते मौसम के साथ दादरा नगर हवेली में पर्यटकों की संख्या बढऩे लगी है। सतमालिया अभ्यारण्य, म्युजियम, कला केन्द्र, दादरा गार्डन, दुधनी जेटी, दादरा उद्यान, खानवेल बटरफ्लाई, नक्षत्र वन पर बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचने लगे है। इन दिनों दपाड़ा सतमालिया में पूरे दिन सैलानियों को देखे जा सकता है।
दानह के सभी पर्यटन स्थलों पर इन दिनों लोगों की भीड़ हैं। सतमालिया में बने प्रकृति पथ से सैलानियों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। पर्यटकों को घने जंगल में पशु-पक्षी, पेड़-पौधे, तालाब, झरने, पर्वत, वनस्पतिया, जीव-जंतु आदि की अनुभूति कराने के लिए वन विभाग ने नेचर ट्रेल (प्राकृतिक मार्ग) बनाया हैं। यहां विचरण करते हिरण, सांभर, चौसिंगा, बारहसिंगा, नील गाय, खरगोश आदि प्राणियों से पर्यटक सीधे रूबरू हो जाते हैं। वन परिक्षेत्र अधिकारी विजय पटेल ने बताया कि नेचर ट्रेल जंगल मेें उगे पेड़-पौधे, वनस्पतिया, कीट-पतंगें, नदी-नालें, पहाड़ी क्षेत्र के मांसाहारी व शाकाहारी वन्य प्राणियों के आवास स्थल, उनसे बहते झरने, डेम, नहरें, रंग-बिरंगी चट्टानें के बीच से निकाले गए हैं। इन रास्तों पर वनस्पतियों की विविधता देखने को मिलती है। होली के बाद दादरा उद्यान व खानवेल बटरफ्लाई उद्यान भी पर्यटकों से खिल गए हैं। बटर फ्लाई की प्रकृति के साथ घनिष्ठता, रंग-बिरंगी तितलियां,आकर्षित करने वाली फुलवारी, लम्बी लम्बी क्यारियां, रात्रिचर गृह, सुन्दर उद्यान, ग्रीन हाऊस, फूलों की सैकड़ों प्रजातियों वाला यह गार्डन पर्यटकों को खूब रास आ रहा है। साकरतोड़ के किनारे बने इस उद्यान में देशभर में पाई जाने वाली 60 से अधिक तितलियों की प्रजातियां निवास करती हैं।