
Slash part dropped in TTi running room at Surat station
सूरत।सूरत स्टेशन के टीटीइ रेस्ट हाउस में गुरुवार को स्लैब का हिस्सा ढह गया। इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन टीटीइ संकुल में रोष फैल गया। इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण किया।
सूरत स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या चार के नजदीक गार्ड और चालकों के लिए बने रेस्ट हाउस के ऊपर दूसरी मंजिल पर टीटीइ के लिए रेस्ट हाउस बनाया गया है। लम्बी दूरी की ट्रेनों के ट्रेन टिकट पर्यवेक्षक ड्यूटी खत्म होने के बाद इस रेस्ट हाउस में आराम करते हैं। टीटीइ रेस्ट हाउस के कमरे में गुरुवार दोपहर स्लैब का हिस्सा ढह गया। भावनगर रेल मंडल का एक टीटीइ इस कमरे में ठहरा हुआ था। हादसे के समय वह नहाने गया हुआ था। स्लैब का बड़ा हिस्सा टूटकर बिस्तर पर गिरा।
जोरदार आवाज से रेस्ट हाउस में मौजूद टीटीइ वहां जमा हो गए। बाद में इंस्पेक्टर ऑफ वक्र्स (आइओडब्ल्यू) के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त छत का निरीक्षण किया। मरम्मत कार्य अभी शुरू नहीं हुआ है। एक टीटीइ ने राजस्थान पत्रिका को बताया कि यह रेस्ट हाउस बने हुए कुछ साल ही हुए हैं। छत से गिरे स्लैब के हिस्से में प्लास्टिक भी लगा हुआ है। इससे पता चलता है कि छत की ढलाई में इस्तेमाल हुआ प्लास्टिक हटाए बिना ठेकेदार ने छत में प्लास्टर का कार्य पूरा कर दिया। उल्लेखनीय है कि अहमदाबाद रेलवे स्टेशन पर भी बुधवार को टीटीइ रेस्ट रूम की छत का स्लैब टूट कर पलंग पर गिरा था। हादसे के वक्त रेस्ट रूम में सात टीटीइ आराम कर रहे थे।
धोखाधड़ी के मामले में अग्रिम जमानत नहीं
कपड़ा व्यापारियों से उधार माल लेने के बाद पेमेंट नहीं चुका कर धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपित दम्पती में से पति की अग्रिम जमानत याचिका गुरुवार को सेशन कोर्ट ने नामंजूर कर दी। डिंडोली सांईविला रेजिडेंसी निवासी सुबोधसिंह दीपनारायणसिंह और उसकी पत्नी निशासिंह के खिलाफ रिजेंट मार्केट के व्यापारी संजय दोंगा ने 18 सितम्बर को 16 लाख रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई थी। पति-पत्नी गोड़ादरा की सम्राट एस्टेट में समर क्रिएशन और समर लाइफ स्टाइल के नाम से व्यापार करते हैं। आरोप के मुताबिक उन्होंने 3 जुलाई से 8 सितम्बर, 2018 के दौरान संजय से 8.16 लाख रुपए का और अन्य व्यापारियों से 7.84 लाख रुपए का माल उधार खरीदा तथा पेमेंट के तौर पर चेक लिख कर दिए, जो बैंक से रिटर्न हो गए। कपड़ा व्यापारी जब पेमेंट मांगने गए तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। मामला दर्ज होने के बाद सुबोधसिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने उसकी याचिका नामंजूर कर दी।
Published on:
16 Oct 2018 12:11 am

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