
सूरत में मूल सूरती को नहीं मिली जगह
विनीत शर्मा
सूरत. इन दिनों वित्तीय संकट से जूझ रही मनपा ने बजट में शामिल कई प्रोजेक्ट्स को होल्ड पर रखा है तो कई की रफ्तार पर लगाम कस दी है। कई प्रोजेक्ट्स ऐसे भी हैं, जिन्हें ड्रॉप कर दिया गया है। मनपा की इस कवायद में मार उन प्रोजेक्ट्स पर पड़ी है, जो सीधे तौर पर लोगों के रिक्रिएशन से जुड़े थे।
पिछले कुछ वर्षों में बड़े प्रोजेक्ट्स में उलझने के कारण मनपा को तंगहाली से निकालने के लिए आयुक्त ने बजट में कर वृद्धि के प्रस्ताव दिए थे। कांग्रेस के उग्र विरोध के कारण सत्तापक्ष के लिए भी कर वृद्धि के प्रस्ताव को लागू कर पाना आसान नहीं रहा था। विधानसभा 2017 में राज्य में भाजपा की सरकार बचाने का सेहरा सूरत के सिर बंधा था। वित्तवर्ष 2018-19 के लिए ड्राफ्ट बजट पेश करते हुए आयुक्त ने जब कर की दरों में वृद्धि का ऐलान किया, कांग्रेस ने उसका विरोध शुरू कर दिया। कांग्रेस का आरोप था कि विधानसभा चुनावों में भाजपा को दिए समर्थन का कर्ज सत्तापक्ष ने कर का बोझ बढ़ा कर चुकाया है। कांग्रेस के विरोध के कारण बजट पर चर्चा के लिए आयोजित स्थाई समिति की बैठक बीच में छोड़कर समिति प्रमुख राजेश देसाई को गांधीनगर जाना पड़ा था। इसके बाद समिति ने आयुक्त की सिफारिशों पर कैंची चलाते हुए कांग्रेस के समक्ष एक तरह से आत्मसमर्पण कर दिया था।
कर वृद्धि की सिफारिशों में भारी कटौती के बाद मनपा प्रशासन के समक्ष वर्षभर का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया। बजट में जिन प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया था, उन पर इसका असर धीरे-धीरे दिखने लगा। अधिकारियों को सीधे तौर पर तो नहीं लेकिन परोक्ष रूप से बड़े प्रोजेक्ट्स से बचने की सलाह दी गई। इसी क्रम में कई प्रोजेक्ट्स को ड्रॉप भी कर दिया गया। इनमें सबसे पहले जिन प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ा है, वह आम आदमी के रिक्रिएशन से जुड़े हैं।
इन पर पड़ा असर
फिलहाल चार प्रोजेक्ट्स को तो पूरी तरह डिब्बे में डाल दिया गया है। इनमें उधना में प्रस्तावित स्वीमिंग पूल के साथ ही तीन जोन कतारगाम, उधना और लिंबायत जोन में प्रस्तावित ऑडिटोरियम हैं। इन पर आधिकारिक रूप से काम रोक दिया गया है। इसके अलावा शहरभर में प्रस्तावित मॉडल रोड्स की संख्या मेंं भी कटौती की गई है। मनपा का फोकस फिलहाल अठवा जोन और स्मार्ट सिटी के एरिया बेस डवलपमेंट क्षेत्र में ही मॉडल रोड बनाने का है। अधिकारियों को साफ हिदायत है कि जैसे-जैसे वित्तीय संसाधन जुटें, इस दिशा में काम आगे बढ़ाया जाए।
वसूली पर दबाव
प्रोजेक्ट्स पर कैंची चलाने के साथ ही मनपा प्रशासन ने इस बार कर वसूली बढ़ाने पर भी फोकस किया है। प्रयोग के तौर पर फिलहाल वेरा कर पर काम शुरू किया गया है। मनपा प्रशासन अप्रेल में वेरा जमा कराने वाले लोगों को वेरा में दस फीसदी की छूट देता है। इसके बाद नवंबर-दिसंबर में वेरा बिल लोगों को भेजे जाते हैं। इस बार मनपा प्रशासन ने जून में ही लोगों को बिल भेजने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि जल्दी बिल भेजने से लोगों पर उन्हें जमा करने का दबाव रहेगा और रिकवरी के लिए मनपा टीम को अतिरिक्त समय मिल जाएगा। साथ ही प्रोफेशनल टैक्स की टीम को भी फील्ड में जाकर कर वसूली का दबाव बनाने की हिदायत दी गई है।

Published on:
18 Jun 2018 11:56 am
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