10 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

SMC : अब नगर प्राथमिक स्कूलों को खुद का करना होगा मूल्यांकन

- मिशन विद्या के अंतर्गत कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन कर तैयार करनी होगी रिपोर्ट

2 min read
Google source verification
surat

SMC : अब नगर प्राथमिक स्कूलों को खुद का करना होगा मूल्यांकन

सूरत.

नगर प्राथमिक शिक्षा समिति की कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन करने का जिला शिक्षा और प्रशिक्षण विभाग ने आदेश दिया है। मिशन विद्या के अंतर्गत मूल्यांकन कर रिपोर्ट देने का स्कूलों को निर्देश दिया गया है। स्कूलों को स्वयं ही अपने विद्यार्थियों का मूल्यांकन कर रिपोर्ट देने को कहा है।
गुजरात के सरकारी और अनुदानित स्कूलों का हाल ही गुणोत्सव के अंतर्गत मूल्यांकन किया गया था। उस समय चौकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। कक्षा 6 से 8 के हजारों विद्यार्थियों को लिखना, पढऩा और गिनती करना तक नहीं आता है। इसमें सूरत महानगर पालिका संचालित नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के 17 हजार विद्यार्थी ऐसे हैं जिन्हें लिखना, पढऩा और गिनती करना नहीं आता है। इसलिए ऐसे विद्यार्थियों के लिए जिला शिक्षा और प्रशिक्षण विभाग ने मिशन विद्या शुरू किया। मिशन विद्या में ऐसे विद्यार्थियों को प्रतिदिन एक घंटा अतिरिक्त पढ़ाकर लिखना, पढ़ाना और गिनती सिखाने का आदेश दिया गया। साथ ही जो विद्यार्थी स्कूल नहीं आते उन्हें भी स्कूल तक लाने का आदेश दिया गया। अब जिला शिक्षा और प्रशिक्षण विभाग ने मिशन विद्या के अंतर्गत कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों का मूल्यांकन करने का आदेश दिया है। यह मूल्यांकन पहले अन्य संस्था की ओर से किया गया था। इस बार स्कूलों को ही अपने विद्यार्थियों का मूल्यांकन करने का आदेश दिया है।

विद्यालयों को खुद का करना होगा मूल्यांकन
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से शाला सिद्धि कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके सरकारी विद्यालय, मॉडल विद्यालय और अनुदानित विद्यालयों का मूल्यांकन किया जा रहा है। विद्यालयों को भवन, कक्षा, प्राचार्य, शिक्षक, कक्षा, विद्यार्थियों की संख्या, विद्यार्थियों का परिणाम का खुद मूल्यांकन करना होगा। राज्य में करीब 952 सरकारी और 5088 अनुदानित विद्यालय हैं। शैक्षणिक सत्र 2018-19 के लिए खुद का मूल्यांकन कर पूरी जानकारी दिल्ली भेजनी है। दिल्ली में वेबपोर्टल के माध्यम से एनआइइपीए को यह जानकारी देनी है। जानकारी कैसे देनी है, किस तरह भरनी है इसकी पूरी सूचना वेबसाइट पर जारी की गई है। सूरत जिला शिक्षा अधिकारी ने सूरत जिले के सभी सरकारी और अनुदानित विद्यालयों को यह कार्य जल्द पूर्ण कर जानकारी भेजने का आदेश दिया है।