
SMC : लगातार गैर-हाजिर रहने वाले विद्यार्थियों को स्कूल से निकालने का दिया आदेश
सूरत.
नगर प्राथमिक शिक्षा समिति स्कूलों में लगातार अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों पर कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया गया है। 14 दिन से अधिक स्कूल में अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों का नाम स्कूल से काट देने का आदेश जारी किया गया है। ऐसा नहीं करने पर नगर प्राथमिक शिक्षा समिति ने स्कूल प्राचार्य और शिक्षकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
हाल ही राज्यभर में गुणोत्सव का आयोजन किया गया था। इसमें सूरत नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के स्कूलों को भी शामिल किया गया था। गुणोत्सव में पाया गया कि समिति के 17 हजार से अधिक विद्यार्थियों को गिनती करना, पढऩा और लिखना नहीं आता है। ऐसे विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार ने मिशन विद्या शुरू किया। इसके तहत 31 अगस्त तक स्कूलों में कमजोर विद्यार्थियों को एक घंटा अतिरिक्त पढ़ाने का आदेश दिया गया। सीआरसी को सभी स्कूलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। जो विद्यार्थी स्कूल नहीं आते, उन्होंने स्कूल लाने के प्रयास करने को भी कहा गया था। अब नगर प्राथमिक शिक्षा समिति ने चौंकाने वाला आदेश दिया है। जो विद्यार्थी 14 दिन से अधिक स्कूल नहीं आया हो, उसे स्कूल से निकाल देने का फैसला सुनाया गया है। साथ ही, जो विद्यार्थी एक दिन भी स्कूल नहीं आया हो, उसका नाम भी रजिस्टर से हटा देने का आदेश जारी किया गया है।
स्कूल नहीं आने वाले और बार-बार छुट्टियां लेने वाले विद्यार्थियों पर प्राचार्य और शिक्षकों को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। प्राचार्य और शिक्षकों को बच्चों को स्कूल में लाने के प्रयास के साथ उनकी उपस्थिति तथा अनुपस्थिति की रिपोर्ट बनानी होगी। बाद में उनका नाम काटना होगा। ऐसा नहीं करने पर प्राचार्य और शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
फेल हो गया मिशन विद्या
विद्यार्थियों को कम समय में पढऩा, लिखना और गिनती करना आ जाए, इसके लिए मिशन विद्या शुरू किया गया, लेकिन इसमें भी कई विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। विद्यार्थियों और अभिभावकों को सबक सिखाने के लिए यह कड़ा फैसला किया गया है। सरकार की ओर से शुरू किया गया मिशन विद्या फेल होता नजर आ रहा है, इसलिए विद्यार्थियों को स्कूल से निकालने का आदेश दिया गया है।
फिर दे सकते हैं प्रवेश
नगर प्राथमिक शिक्षा समिति ने साफ किया है कि 31 अगस्त तक की उपस्थिति की रिपोर्ट के आधार पर नाम काटे जाएं। इसके बाद कोई विद्यार्थी प्रवेश लेने आए तो उसे प्रवेश दे दिया जाए। आरटीइ एक्ट के अंतर्गत सभी को शिक्षा पाने का अधिकार है।

Published on:
01 Sept 2018 08:29 pm
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