
सौर ऊर्जा से हो रहा जल वितरण
सूरत. नई उपलब्धियां अपने हिस्से करने में सबसे आगे रही सूरत महानगर पालिका के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में देश की शीर्ष मनपाओं में शामिल सूरत महानगर पालिका ने शहरभर में जलवितरण की ऊर्जा खपत की भरपाई भी सोलर पैनल से शुरू कर दी है। ऐसा करने वाली सूरत मनपा देश की पहली महानगर पालिका है जो जल वितरण के लिए बिजली कंपनी पर निर्भर नहीं है।
सूरत महानगर पालिका ने अपनी बिजली की खपत को काफी हद तक सौर ऊर्जा से पूरा करना शुरू कर दिया है। पांच मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। अब और एक मेगावाट क्षमता के प्लांट की तैयारी है। 30 जनवरी को सूरत आ रहे प्रधानमंत्री इसका उदघाटन करेंगे। इनमें चार मेगावाट बिजली का इस्तेमाल जल वितरण व्यवस्था के लिए आरक्षित किया गया है। चार मेगावाट के प्लांट से सालभर में करीब 53 लाख यूनिट पैदा हो रही है, जो मनपा के हाइड्रोलिक सिस्टम पर इस्तेमाल हो रही है। इसके साथ ही मनपा ने जल वितरण की पूरी व्यवस्था सोलर आधारिकत कर ली है।
इसमें हो रहा इस्तेमाल
हाइड्रोलिक विभाग के शहरभर में वाटर वक्र्स, वाटर डिस्ट्रिब्यूशन सेंटर और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट सौर ऊर्जा से संचालित हो रहे हैं। इनमें सरथाणा वाटर वक्र्स, कतारगाम वाटर वक्र्स, रांदेर वाटर वक्र्स, वराछा वाटर वक्र्स, कोसाड वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, सीमाणा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, उधना वाटर डिस्ट्रिब्यूशन स्टेशन, मगोब वाटर डिस्ट्रिब्यूशन स्टेशन समेत अन्य स्टेशन शामिल हैं।
Published on:
25 Jan 2019 09:26 pm
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