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SPECIAL NEWS: सर्वोच्च न्यायालय में जल्द होगा हिन्दी का उपयोग-केंद्रीय गृहराज्यमंत्री

-दो दिवसीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का इंडोर स्टेडियम में होगा आयोजन

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SPECIAL NEWS: सर्वोच्च न्यायालय में जल्द होगा हिन्दी का उपयोग-केंद्रीय गृहराज्यमंत्री

SPECIAL NEWS: सर्वोच्च न्यायालय में जल्द होगा हिन्दी का उपयोग-केंद्रीय गृहराज्यमंत्री

सूरत. केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजयकुमार मिश्रा ने मंगलवार को सूरत में कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में जल्द ही हिन्दी का उपयोग किया जाएगा। इस बारे में थोड़े समय में मान्यता मिल जाएगी। मिश्रा यहां हिन्दी दिवस के उपलक्ष में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में भाग लेने आए थे और सर्किट हाउस में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
वार्ता में उन्होंने हिन्दी के समृद्ध इतिहास और आजादी के बाद की गई अनदेखी के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि गांधीजी की ईच्छा के विपरीत तत्कालीन नेहरु सरकार ने संविधान में हिन्दी को राष्ट्रभाषा के बजाय राजभाषा तक ही सीमित रखा और अंग्रेजों की शिक्षा नीति के साथ अंग्रेजी को लगातार बढ़ावा दिया। तब गृहमंत्री लालबहादुर शास्त्री, राष्ट्रकवि रामधारीसिंह दिनकर समेत कई ने कांग्रेस की इस नीति का विरोध भी किया था। 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दी भाषा का मान-सम्मान दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचा है और संयुक्त राष्ट्र संघ में सातवीं भाषा के रूप में मान्यता दिलाने के प्रयास लगातार जारी है। यूएनओ के न्यूज एप अब हिन्दी में भी जारी हो गए हैं। वो दिन बहुत दूर नहीं जब राजभाषा हिन्दी को देश में राष्ट्रभाषा का दर्जा मिल जाएगा। केंद्रीय गृहराज्यमंत्री मिश्रा ने कहा कि थोड़े समय में हिन्दी को मान्यता मिलेगी और उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय में भी हिन्दी का उपयोग किया जाएगा। अभी कुछ राज्यों में हिन्दी का उपयोग उच्च न्यायालयों में किया भी जा रहा है।


-100 से ज्यादा देशों में बोली जाती है हिन्दी


पत्रकार वार्ता में केंद्रीय गृहराज्यमंत्री अजय मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने कामकाज में हिन्दी भाषा को प्राधान्य देते हैं। वे जहां भी जाते हैं, हिन्दी को ही महत्व देते हैं। देश में 70 करोड़ लोग हिन्दी बोलते हैं और 100 करोड़ से ज्यादा लोग समझते हैं। दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में हिन्दी बोली जाती है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने हिन्दी दिवस को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से देश के विभिन्न राज्यों में अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन की शुरुआत की है और दूसरा दो दिवसीय सम्मेलन बुधवार से सूरत में आयोजित हो रहा है।

हन्दी पर चिंतन-मंथन का महासंगम आज से


हिन्दी दिवस के उपलक्ष में दो दिवसीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन बुधवार से शहर के पं. दीनदयाय उपाध्याय इंडोर स्टेडियम में किया जाएगा। सम्मेलन के दौरान देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत राजभाषा अधिकारियों के अलावा हिन्दी के मुर्धन्य विद्वानों की मौजूदगी रहेगी और राजभाषा हिन्दी पर चिंतन-मंथन का लम्बा दौर चलेगा।
दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन मौके पर केंद्रीय गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह विशेष रूप से मौजूद रहेंगे और इस दौरान वे राजभाषा हिन्दी के क्षेत्र में विशेष कार्य करने वाले अधिकारियों समेत अन्य लोगों को सम्मानित करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, अजय कुमार मिश्रा व निशिथ प्रमाणिक समेत अन्य कई मेहमान मौजूद रहेंगे। 2021 में वाराणसी में पहला अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का आयोजन किया गया था और उसके बाद दूसरा सम्मेलन बुधवार से सूरत में होगा। इसमें बुधवार व गुरुवार को पांच सत्र आयोजित किए जाएंगे और उनमें कई आमंत्रित वक्ता स्टेडियम में मौजूद हजारों अधिकारियों व अन्य लोगों को अलग-अलग विषय पर संबोधित करेंगे। इन सत्रों में गत 75 वर्षों में राजभाषा हिन्दी की विकास यात्रा, युवाओं को गर्व का अनुभव कराती हिन्दी, महात्मा गांधी का भाषा चिंतन और राष्ट्र के एकीकरण में सरदार पटेल का योगदान, भाषाई समन्वय का आधार है हिन्दी व भारतीय सिनेमा और हिन्दी...विषयों पर अलग-अलग वक्ता उद्बोधन देंगे।