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SPECIAL NEWS: छोटी सी चाय की लारी, सोलर पैनल से सजी प्यारी

- सूरत के उधना क्षेत्र में 68 वर्षीय चाय वाले नटू भाई वसावा ने अपनी छोटी सी चाय की लारी को भी बना रखा है ऊर्जा बचत का बड़ा एक मंत्र

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SPECIAL NEWS: छोटी सी चाय की लारी, सोलर पैनल से सजी प्यारी

SPECIAL NEWS: छोटी सी चाय की लारी, सोलर पैनल से सजी प्यारी

सूरत. 68 वर्षीय बुजुर्ग नटू भाई वसावा और उनकी चाय की लारी। दोनों ही खूब चर्चा का विषय बने हुए हैं। चर्चा की वजह में नट्टू भाई की बुजुर्गियत कारण है और ना ही उनकी चाय बल्कि असल में कोई कारण है तो उनकी छोटी सी चाय की लारी पर लगी सोलर पैनल प्लेट है, जिसकी वजह से चर्चा शहर में हो रखी है।
जिस तरह से बिजली खर्च बढ़ता जा रहा है और संसाधन सीमित होते जा रहे हैं। उस स्थिति में सरकार भी सौर ऊर्जा को ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच पहुंचाने के लिए प्रति प्रतिबद्ध बनी हुई है। ऊर्जा के प्रचार-प्रसार के लिए सरकार को लाखों-करोड़ों की राशि भी खर्च करनी पड़ रही है तो जाकर लोग इसका उपयोग अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान, संस्थान व घर वगैरह में अब कुछ हद तक करने लगे है। लेकिन एक छोटी सी चाय की लारी पर सौर ऊर्जा पैनल प्लेट का उपयोग पहली बार सुन कर सबको अजीब लगता है क्योंकि एक छोटी सी लारी पर भला इसकी जरूरत भी क्या? लेकिन सूरत के नटू भाई वसावा इस मामले में बिजली बचत का मंत्र बांटने में बहुत आगे निकल आए हैं। नटूभाई बताते हैं कि मेरे बिजली का खर्च कोई पहले भी ज्यादा नहीं आता था, लेकिन मुझे यह प्रयोग रास आया और मैंने इसे अपनाया। इसका परिणाम यह निकला कि लोग मेरे चाय पीने भी आते हैं सौर ऊर्जा व इसके प्रयोग, बचत आदि के बारे में जानने भी आते हैं।

- गांव में देखा तो मुझे भी अच्छा लगा

सूरत के उधना क्षेत्र में भाजपा कार्यालय के निकट जय राम जी चाय की लारी है और इसके मालिक 68 वर्षीय नटू भाई वसावा 9-10 महीने पहले गांव गए थे। वहां उन्होंने देखा कि दूर-दूर तक खाली जमीन पर सोलर पैनल लगे हुए थे। वहीं से उन्होंने उसके बारे में थोड़ा बहुत जाना और फिर मन में विचार बनाया कि क्यों ना अपनी चाय की लारी पर भी इसे लगाकर बिजली की छोटी-मोटी बचत की जाए।

- अहमदाबाद से लाए पैनल, 1500 जितनी बचत प्रति माह

गांव से लौटने के बाद नटूभाई अहमदाबाद गए और वहां से सब कुछ सीख-समझ कर ढाई हजार रुपए में सौर ऊर्जा की दो बाय दो फीट की छोटी सी प्लेट लेकर आए। यहां लाकर इन्होंने चाय की लारी पर लगाया और जनरेटर वगैरह फिट कर रात्रि में बिजली और छोटे से पंखे के चलने की व्यवस्था की। जब से इन्होंने चाय की लारी पर सोलर प्लेट लगाई है तब से हर महीने 1500 रुपए के बिजली बिल की बचत होने लगी है।

-लोगों के आकर्षण का केंद्र चाय की लारी

भाजपा कार्यालय के बिल्कुल नजदीक होने से यहां पर आए दिन पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए पार्टी कार्यकर्ता व पदाधिकारी आते है। कार्यक्रम के बाद बाहर निकलने पर ज्यादातर की नजर में नटू भाई की जय रामजी चाय की लारी नजर में आ जाती है। वे यहां न केवल चाय पीते है बल्कि बुजुर्ग नटुभाई के बिजली बचत मन्त्र की सराहना भी करते है।