
हरियाणा में सुल्तान तो गुजरात में भी है राजा
सूरत. हरियाणा के सुल्तान व युवराज नामक भैंसे के बारे में तो अधिकतर लोग जानते होंगे मगर कम ही लोगों को ख्याल होगा कि गुजरात में भी ऐसा ही 'राजाÓ है जो भैंसा जरूर है पर हाथी जैसा दिखता है। राजा हाथी जैसा दिखे भी क्यों नहीं उसका शरीर ही ऐसा भीमकाय है। राजा नामक भैंसा सूरत के निकट ही तापी जिले की डोलवण तहसील के कल्कवा गांव के किसान जयेश पटेल के पास पल-बढ़ रहा है।
कुछ समय पहले टीवी चैनलों पर हरियाणा में कैंथल के किसान रामनरेश बेनीवाल के यहां 1700 किलो वजनी भैंसे सुल्तान को खूब दिखाया गया और उसकी प्रत्येक गतिविधि के बारे में बताया गया था। ऐसा ही भैंसा सूरत के निकट तापी जिले के खेत-खलिहान में भी घूमता है और उसका मालिक इसे अपने शौक व सेवा के उद्देश्य से महंगा होते हुए भी पाल-पोस रहा है। डोलवण तहसील के कल्कवा गांव के किसान जयेश पटेल भैंसे राजा के बारे में बताते है कि इसी साल अप्रेल में राजा के शरीर की नाप-चौख की गई थी और वो 10 फीट लम्बा, 5.8 फीट ऊंचा तथा 1200 किलोग्राम का था। यह जाफराबादी नस्ल का भैंसा उन्होंने सौराष्ट्र के गिरसोमनाथ जिले के माणावदर गांव से अपने ही परिजनों से चार साल पहले दशहरे पर खरीदा था।
लाखों रुपए लगा दिए
जयेश के यहां राजा से जाफराबादी नस्ल वाली भेंस की चाह में तापी जिले से ही नहीं बल्कि सूरत, वड़ोदरा, डांग और महाराष्ट्र के किसान भी भैंसे लेकर आते है। जयेश इस संबंध में बताते है कि शौक से राजा को पाल रहे है और अब यह सेवा रूप में सबके काम आ रहा है। हालांकि वे एक भेंसमालिक से पांच सौ रुपए अवश्य लेते है। दिनभर में तीन-चार भेंसमालिक आते है। राजा को खरीदने के लिए कई किसान उन्हें लाखों रुपए की ऑफर भी कर चुके है।
दिनभर आठ घंटे की सेवा
राजा प्रतिदिन 30 किलो से ज्यादा हरा, सूखा व मिक्स चारा खा जाता है और इससे डेढ़ गुना पानी पी जाता है। इसे घूमाने-फिराने आदि पर दिनभर में आठ घंटे लग जाते है। जयेश ने बताया कि वे सुबह साढ़े चार से साढ़े आठ बजे तक, दोपहर में एक से दो बजे तक एवं शाम पांच से रात आठ बजे तक राजा व उसकी ही नस्ल के 3-4 माह के तीन भैंसे व 15 दिन की एक भैंस की देखभाल में लगाते है। वहीं जाफराबादी नस्ल की भैंस व अन्य पशुओं को दोहकर अंदाजित 50 लीटर दूध निकालने में भी उन्हें व उनके परिजनों को डेढ़-दो घंटे रोज लगते है।
नहीं हो पाई क्षमता की जांच
व्यारा पशु चिकित्सालय में कई बार राजा के सीमेन की क्षमता की जांच की मांग के बावजूद कभी लेब परीक्षण नहीं किया गया है। हालांकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्रमाणपत्र अवश्य जारी किया है।
जयेश पटेल, राजा का पालक किसान
Published on:
27 Dec 2018 08:25 pm
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