
SURAT AIRPORT : यात्री बढ़े, फ्लाइट्स की संख्या जस की तस
सूरत.
सूरत एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या जिस तेजी से बढ़ रही है, उसके मुकाबले उड़ानों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। पिछले नौ महीने के दौरान यहां से एक भी नई घरेलू फ्लाइट की शुरुआत नहीं हुई है। फ्लाइट कंपनियों की ओर से घोषित नई उड़ानों को लेकर भी तस्वीर साफ नहीं है। सूरत एयरपोर्ट से एकमात्र अंतरराष्ट्रीय उड़ान शारजाह के लिए है। एयर कंपनियों की ओर से दूसरे देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इनमें से एक भी उड़ान शुरू नहीं हुई है।
सूरत एयरपोर्ट ने पिछले दो साल में तेजी से विकास किया तो एयर कंपनियों ने सूरत को देश के विभिन्न हिस्सों से फ्लाइट से जोड़ा। दो साल के अंदर सूरत एयरपोर्ट पर आने-जाने वाली फ्लाइट्स की संख्या 48 तक पहुंच गई, लेकिन बाद में इस आंकड़े में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। एयरपोर्ट पर 2017-18 में 6 लाख 92 हजार 299 यात्री दर्ज किए गए थे। यह संख्या 2018-19 में बढक़र 12 लाख 63 हजार 606 तक पहुंच गई। यानी एक साल में यात्रियों की संख्या दुगनी हो गई। फिर भी उड़ानों की संख्या जस की तस है। इसका मुख्य कारण एयर कंपनियों की उदासीनता और सरकार का ढीला रुख बताया जा रहा है। इस बीच, एयर कंपनियों की ओर से कई फ्लाइट रद्द कर अन्य शहरों के लिए फ्लाइट शुरू की गईं, लेकिन नए शहरों के साथ कनेक्टीविटी शुरू नहीं की गई।
सूरत एयरपोर्ट पर फिलहाल तीन कंपनियों के विमान आते हैं। इनमें एयर इंडिया, स्पाइस जेट, इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस शामिल हैं। गो एयर की तरफ से सूरत एयरपोर्ट पर सात स्लॉट लिए गए थे, लेकिन उसने एक भी फ्लाइट शुरू नहीं की। बाद में उसने सभी स्लॉट वापस कर दिए। स्पाइस जेट ने सूरत से एक साथ कई उड़ानें शुरू की थीं। स्पाइस जेट का बोइंग विमान सूरत आता था। बोइंग की क्षमता 180 से अधिक यात्रियों की है। अब स्पाइस जेट बोइंग की जगह 80 से अधिक सीटों वाला क्यू400 विमान सूरत भेज रहा है। इसमें कम सीटों के कारण यात्रियों को परेशानी हो रही है।
बंद रूट फिर शुरू करने की मांग
स्पाइस जेट की ओर से सूरत-जोधपुर, हैदराबाद-सूरत, सूरत-उदयपुर-वाराणसी-सूरत फ्लाइट्स बंद कर दी गई हैं। इनके बदले भोपाल और जैसलमेर का रूट शुरू किया गया है। बंद किए गए रूट को फिर शुरू करने की मांग हो रही है, लेकिन इस पर एयर कंपनियों की तरफ से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एयर इंडिया जैसी सरकारी कंपनी की ओर से भी नई फ्लाइट की शुरुआत नहीं की जा रही है। एयर इंडिया सिर्फ मुंबई और दिल्ली के लिए फ्लाइट संचालित कर रही है। वी वर्क फोर एयरपोर्ट ग्रुप के संजय जैन ने बताया कि एयर कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। फ्लाइट की संख्या बढ़ाने और देश-दुनिया के अन्य शहरों से सूरत को जोडऩे की मांग की जा रही है। फ्लाइट की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बंद हुईं उड़ानें
सूरत-जोधपुर (स्पाइस जेट)
हैदराबाद- सूरत- हैदराबाद (स्पाइस जेट)
सूरत-उदयपुर-वाराणसी-सूरत (स्पाइस जेट)
सूरत-मुम्बई (इंडिगो)
इन कंपनियों की हैं उड़ानें
एयर इंडिया- दिल्ली, मुम्बई
इंडिगो- दिल्ली, कोलकाता, चैन्नई, बेंगलुरू, जयपुर, गोवा
स्पाइस जेट- भोपाल, दिल्ली, जयपुर, हैदराबाद, मुम्बई, कोलकाता, गोवा
एयर इंडिया एक्सप्रेस- शारजाह
सीआइएसएफ सुरक्षा का इंतजार
अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू हो जाने के बावजूद सूरत एयरपोर्ट पर अब तक केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) को तैनात नहीं किया गया है, जबकि सूरत के मुकाबले देश के कई छोटे एयरपोर्ट पर सीआइएसएफ तैनात है। सूरत से अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू होने से पहले ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी ऑफ इंडिया (बीसीएएस) की एक टीम ने एयरपोर्ट का दौरा किया था। टीम ने गृह मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में बताया था कि सूरत एयरपोर्ट पर यात्रियों के साथ-साथ वीवीआइपी के आवागमन में काफी बढ़ोतरी हुई है। इसलिए यहां तत्काल सीआइएसएफ तैनात करने की जरूरत है। शारजाह के लिए अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने से पहले कस्टम और इमीग्रेशन समेत कई दूसरे बंदोबस्त किए गए, लेकिन सुरक्षा का मुद्दा हाशिए पर रह गया। एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा फिलहाल स्टेट रिजर्व पुलिस संभाल रही है, जबकि उड़ानों और यात्रियों की संख्या को देखते हुए यहां सुरक्षा का जिम्मा काफी पहले सीआइएसएफ को सौंप दिया जाना चाहिए था। जब यह डोमेस्टिक एयरपोर्ट था, तभी से यहां सीआइएसएफ तैनात करने की मांग की जा रही है, लेकिन गुजरात सरकार और एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया के बीच हुए एमओयू के कारण सीआइएसएफ की तैनाती का मामला अधर में है। रोजाना 20 उड़ानों वाले वड़ोदरा हवाई अड्डे और 4 उड़ानों वाले राजकोट हवाई अड्डे की सुरक्षा सीआइएसएफ संभाल रही है, लेकिन रोजाना 48 उड़ानों वाले सूरत के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीआइएसएफ की सुरक्षा नहीं है। सूरत एयरपोर्ट पर 1992 तक एकमात्र एयरस्ट्रिप और एक भवन था। इसका जिम्मा गुजरात सरकार के पास था। तब एयरपोर्ट पर सिर्फ छोटे चार्टर्ड प्लेन आते थे। बाद में वायुदूत और गुजरात एयरवेज की विमान सेवाएं शुरू हुईं। वर्ष 1994 में वायुदूत और 2000 में गुजरात एयरवेज की उड़ानें बंद हो गईं। गुजरात सरकार ने 2003 में जब सूरत एयरपोर्ट का जिम्मा एयरपोर्ट ऑथोरिटी ऑफ इंडिया को सौंपने का फैसला किया तो दोनों के बीच हुए एमओयू में तय किया गया कि सूरत एयरपोर्ट पर बिजली, पानी और सुरक्षा का जिम्मा गुजरात सरकार का रहेगा। इसीलिए हवाई अड्डे का पूरा परिदृश्य बदल जाने के बावजूद एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा गुजरात सरकार ही संभाल रही है। हवाई अड्डे पर सुरक्षा के लिए स्टेट पुलिस तैनात है। वर्ष 2014 में सूरत एयरपोर्ट पर स्पाइस जेट के बोइंग 737 से भैंस टकरा जाने से विमान के जेट इंजन में आग लग गई थी। इस हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से स्पाइट जेट ने ढाई साल तक सूरत से अपनी उड़ानें बंद रखी थीं। उस समय भी एयरपोर्ट पर सीआइएसएफ को तैनात करने की मांग उठी थी।
Published on:
16 May 2019 08:04 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
