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सूरत के कपड़ा व्यापारी सोच रहे कैसे बीतेंगे यह दिन

ग्रे बाजार में कारोबार कमजोर, दाम टूटे

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सूरत

ग्रे बाजार में बीते सप्ताह कारोबार नीरस रहा। व्यापारियों की ओर से कम ऑर्डर मिलने के कारण वीवर्स निराश है। सामान्य व्यापार के कारण ग्रे की कई क्वॉलिटी में दाम टूट गए।
अन्य राज्यों से कम ऑर्डर मिलने के कारण ग्रे बाजार ठंडा पड़ा है। तीन सप्ताह से ग्रे बाजार में कई क्वॉलिटी के दाम लगातार घट रहे हैं। बीते सप्ताह ग्रे के रेगुलर आइटम में दाम पच्चीस से पचास पैसे तक टूटे और फैंसी ग्रे की क्वॉलिटी के दाम में दो से पांच रुपए की कमी आई। कपड़ा व्यवसायी सज्जन महर्षि और रमेश शर्मा ने बताया कि सामान्य तौर पर हर साल अप्रेल में व्यापार कमजोर रहता है। इस साल भी बाजार में मूवमेंट नहीं दिख रही है। अभी तक डाइड और वर्क वाले कपड़ों की मांग थी, आगामी दिनों में प्रिंट वर्क वाले कपड़ों की मांग रहेगी। अन्य राज्यों मेें रिटेल खरीद कम होने से वहां के व्यापारियों की ओर से साड़ी और ड्रेस, दोनो सेगमेंट में कम ऑर्डर मिले हैं। इसलिए ग्रे की ज्यादातर क्वॉलिटी में दाम घटे। फैंसी आइटम्स में ज्यादा गिरावट आई है। भिवंडी ग्रे बाजार में कामकाज सामान्य रहा। ग्रे व्यवसायी गिरधारी साबू ने बताया कि पिछले दिनों कॉटन की क्वॉलिटी में दाम बढ़े थे, वह बीते सप्ताह घट गए। अन्य क्वॉलिटी में कीमत स्थिर रही।
यार्न बाजार में कामकाज सामान्य

यार्न बाजार में बीते सप्ताह कारोबार सामान्य रहा। हालांकि अग्रणी यार्न उत्पादकों ने पीओवाय की कीमत में एक से दो रुपए बढ़ा दिए और नायलोन यार्न में एक सप्ताह में दाम पांच रुपए तक बढ़ गए। यार्न बाजार के सूत्रों के अनुसार ग्रे बाजार में कमजोर खरीद के कारण वीवर्स के पास ग्रे का स्टॉक हो गया है, इसलिए वह ज्यादा ग्रे का उत्पादन नहीं करना चाहते। वह आवश्यकतानुसार यार्न खरीद रहे हैं। इसके बावजूद यार्न उत्पादक कच्चे माल की कीमत का हवाला देकर दाम बढ़ा रहे हैं। यार्न व्यवासयी बकुलेश पंड्या ने बताया कि बीते सप्ताह अग्रणी यार्न उत्पादक ने पीओवाय की कीमत में एक से दो रुपए बढ़ा दिए। नायलोन यार्न में लगभग पांच रुपए की बढ़ोतरी हुई। बाजार में आगामी दिनों में अच्छी खरीद की आशा है। वीवर्स की ओर से पेमेंट नहीं आने के कारण फिलहाल आर्थिक संकट है।