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SURAT KAPDA MANDI: अब कपड़ा मिलों में 30 दिवसीय दीपावली अवकाश!

सचिन टैक्सटाइल प्रोसेसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने की तैयारी, कपड़ा कारोबार हित में देख रहे है इस निर्णय को कपड़ा उद्यमी

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SURAT KAPDA MANDI: अब कपड़ा मिलों में 30 दिवसीय दीपावली अवकाश!

SURAT KAPDA MANDI: अब कपड़ा मिलों में 30 दिवसीय दीपावली अवकाश!

सूरत. कपड़ा उद्योग लगातार मुश्किलों के दौर से गुजर रहा है और इस मुश्किलों के दौर से उबरने के लिए डाइंग-प्रिंटिंग मिल के मालिकों की ओर से एक प्रयास दीपावली वैकेशन के रूप में भी रखा जा सकता है। फिलहाल इस दिशा में सचिन टैक्सटाइल प्रोसेसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने औपचारिक तौर पर कदम बढ़ाए हैं और दीपावली वैकेशन एक नवम्बर से 30 नवम्बर तक रखे जाने की बात है।
एशिया की सबसे बड़ी सूरत कपड़ा मंडी में प्रतिदिन डेढ़ से दो करोड़ मीटर कपड़ा तैयार होता है और इसकी रंगाई-छपाई में शहर के पांडेसरा, सचिन, कड़ोदरा, व पलसाणा क्षेत्र में साउथ गुजरात टैक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन के तहत साढ़े चार सौ मिलें संचालित बताई जाती है। हालांकि इनमें से साढ़े तीन सौ जितनी मिलें ही फिलहाल रनिंग कंडीशन में है। कोरोना काल की दूसरी भयावह लहर के बाद अगस्त-सितम्बर में कपड़ा कारोबार में अच्छी-खासी तेजी रही और इसी दौरान कलर-केमिकल, कोयला आदि के भावों में जबर्दस्त उछाल आया नतीजन मिल मालिक इन दिनों ट्रेडर्स को जॉबचार्ज की रेट बढ़ाकर पत्र भेज रहे हैं। इससे ट्रेडर्स व प्रोसेसर्स के बीच व्यापारिक खींचतान की परिस्थिति सूरत कपड़ा मंडी में पैदा हो रही है। उधर, साउथ गुजरात टैक्सटाइल प्रोसेसर्स एसोसिएशन के निहित कार्यरत सचिन टैक्सटाइल प्रोसेसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने एक पत्र जारी कर एसोसिएशन के सभी सदस्य मिलमालिकों से मौजूदा परिस्थिति से उबरने के लिए एक नवम्बर से 30 नवम्बर तक दीपावली वैकेशन रखे जाने पर सहमति मांगी है। बताया गया है कि दो ही दिन में इस पत्र पर एसोसिएशन के ढाई दर्जन से ज्यादा मिलमालिक सदस्यों ने सहमति प्रदान कर दी है और अब ऐसे ही प्रयास शहर के अन्य क्षेत्र में सक्रिय पांडेसरा, कड़ोदरा व पलसाणा एसोसिएशन स्तर पर किए जाने की चर्चा चल रही है।

-वैकेशन से यह बताए फायदे

दीपावली के दौरान सूरत कपड़ा मंडी में 15 से 20 दिन अवकाश का माहौल रहता है और ऐसी स्थिति में मिलें संचालित होती है तो अतिरिक्त उत्पादन, अतिरिक्त खर्च बढ़ता है। एक से 30 नवम्बर तक दीपावली अवकाश रहता है तो यह खर्च बचेगा और उत्पादन नहीं हो सकेगा। नतीजन प्रोसेसर्स, ट्रेडर्स समेत सभी के यहां से पाइपलाइन में रखा माल खाली हो जाएगा और माल के अभाव में मांग पैदा होगी जो कि किसी भी इंडस्ट्री के लिए फायदेमंद साबित होती है।

-बंदी इस माह भी संभव

यह सच है कि प्रोसेसर्स के बीच एक माह के दीपावली वैकेशन पर संभावित चर्चा हो रही है, लेकिन मिल संचालन में मौजूदा समस्या को देखते हुए बंदी अक्टूबर में भी लागू करने की नौबत मिल मालिकों के सामने आ खड़ी हो तो कोई बड़ी बात नहीं है।

-कमल भूतड़ा, सदस्य, सचिन टैक्सटाइल प्रोसेसर्स वेलफेयर एसोसिएशन

-दर बढ़ाए बगैर संभव नहीं

दीपावली वैकेशन के बारे में एसोसिएशन स्तर पर चर्चा जारी है और इसका निर्णय एक-दो दिन में स्पष्ट भी हो जाएगा। कलर-केमिकल-कोयले में 20 फीसद तक महंगाई बढ़ी है, ऐसी स्थिति में जॉबचार्ज की दर बढ़ाए बगैर प्रोसेस इंडस्ट्री चला पाना मुश्किल है।

विनोद अग्रवाल, अध्यक्ष, सचिन टैक्सटाइल प्रोसेसर्स वेलफेयर एसोसिएशन