
SURAT KAPDA MANDI: कोरोना जांच केंद्र बढ़ाने की जरूरत
सूरत. राज्य सरकार ने मिनी लॉकडाउन में दूसरी राहत के संकेत बुधवार देर शाम दे दिए है। कोरोना के घटते प्रभाव को देखते हुए सरकार ने अब सूरत कपड़ा मंडी खोलने की समयावधि छह घंटे से बढ़ाकर 9 घंटे कर दी है। शुक्रवार से सूरत कपड़ा मंडी के रिंगरोड समेत सभी कपड़ा बाजार सुबह 9 से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे।
कोरोना महामारी की दूसरी भयावह लहर के बढ़ते प्रकोप को देख राज्य सरकार ने गत 28 अप्रेल से सूरत समेत गुजरात के कई प्रमुख शहर-कस्बों में मिनी लॉकडाउन लगा दिया था और मई के दूसरे पखवाड़े में कोरोना के मामलों में कमी आने पर 23 मई से सूरत कपड़ा मंडी सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक खोलने की रियायत मिनी लॉकडाउन में दी थी। इस बीच कोरोना केस में और कमी होने पर रात्रि कफ्र्यू में भी एक घंटे की ढील देकर प्रशासन ने उसे 9 बजे से कर दिया था। इस दौरान व्यापारिक संगठन लगातार कपड़ा बाजार को छह घंटे से अधिक देर तक खोलने की मांग सरकार व प्रशासन से कर रहे थे। मिनी लॉकडाउन में 23 मई से राहत के बाद तीसरे सप्ताह में राज्य सरकार ने गुरुवार देर शाम जारी नए नोटिफिकेशन में सूरत कपड़ा मंडी को राहत देते हुए तीन घंटे की अवधि और बढ़ा दी है।
सूरत कपड़ा मंडी के हजारों कपड़ा व्यापारियों ने कपड़ा बाजार तीन घंटे अधिक देर तक खुले रहने से व्यापारिक काम-काज के लिहाज से बेहतर माना है और उन्हें अब देश के अन्य राज्यों की कपड़ा मंडियों के खुलने का इंतजार है। हालांकि कई राज्यों में सरकार व स्थानीय प्रशासन ने थोड़ी-बहुत रियायत वहां के व्यापार-धंधों को देना प्रारम्भ भी कर दिया है।
-पैमेंट की कमी और रिटर्न गुड्स से मुश्किल
देश के अधिकांश राज्यों में लॉकडाउन की वजह से कपड़े समेत सभी तरह के व्यापार-धंधे बंद है और ऐसे हालात में सूरत कपड़ा मंडी के व्यापारियों के समक्ष मौजूदा हालात में पैमेंट की कमी और रिटर्न गुड्स की समस्या सिर पर आकर खड़ी हो गई है। इस सिलसिले में सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन की कोर कमेटी की बुधवार शाम मनभरी फार्म पर बैठक हुई। बैठक में कमेटी सदस्य व्यापारियों ने बताया कि बाहरी मंडियों के सभी कपड़ा व्यापारियों को इस विषमकाल में सूरत कपड़ा मंडी के व्यापारियों का पैमेंट रोकने के बजाय सुविधानुसार रिलीज करना चाहिए, ताकि यहां देनदारी कम की जा सकें। वहीं, उनकी ओर से रिटर्न गुड्स गैरव्यापारिक तरीका है। मौजूदा समय में सभी के लिए धैर्य की जरूरत है और आपसी संवाद आवश्यक है।
Published on:
02 Jun 2021 09:17 pm
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