
SURAT KAPDA MANDI: अब जो माल गया तो ट्रांसपोर्ट में अटक जाएगा!
सूरत. दीपावली में महज तीन दिन शेष हैं। स्थानीय कपड़ा बाजार में इस बार भी दीपावली व लग्नसरा सीजन ग्राहकी के हिसाब से अच्छा रहा। कपड़ा व्यापारियों ने इस मीठी ग्राहकी के ऑर्डर कल तक तो खूब लिए, लेकिन अब नए ऑर्डर पर एक तरह से ब्रेक लगा दिया है और पुराने ऑर्डर के माल की पैकिंग व डिस्पेचिंग पूरा करने में सक्रिय हो गए हैं। इसकी बड़ी वजह आज-कल में ट्रांसपोर्ट कंपनियां नए माल की बुकिंग लेना बंद कर देगी और व्यापारिक प्रतिष्ठान से तैयार माल के पार्सल ट्रांसपोर्ट गोदाम अथवा अन्य स्थलों पर यूं ही जमा रह जाएंगे।उधर, ट्रांसपोर्ट व्यवसायी भी दीपावली अवकाश को ध्यान में रखकर ही नए माल की बुकिंग उनके पास उपलब्ध मालवाहक वाहनों के मुताबिक ही कर रहे हैं। यूं भी उनकी बात मानी जाए तो अक्टूबर के अंत में जिस तरह की आपा-धापी थी, वो धीरे-धीरे घटी है। अब सूरत से प्रतिदिन देशावर मंडियों में जाने वाले मालवाहक वाहनों की संख्या 150-155 तक रह गई है।
- पूर्णिमा के बाद ही आएंगे :
सूरत कपड़ा मंडी में दीपावली अवकाश पूरा होने के बाद दक्षिण भारत में पोंगल की ग्राहकी के अलावा लग्नसरा सीजन देश के अन्य राज्यों की कपड़ा मंडियों में व्यापार की शुरुआत हो जाएगी। यह अलग बात है व्यापारी-कर्मचारी पूर्णिमा के बाद ही सूरत लौटेंगे। ऐसे में पुराने ऑर्डर का माल पड़ा नहीं रहे, इसलिए पैकिंग-डिस्पैचिंग पूरी कर उसे ट्रांसपोर्ट तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।
- हंसराज जैन, कपड़ा व्यापारी, रिजेंट टेक्सटाइल मार्केट
0- अभी जोर थोड़ा घटा है :
दीपावली व लग्नसरा सीजन के कपड़ा व्यापार का जोर ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के यहां अभी थोड़ा घटा है। यह बात सही है कि ट्रांसपोर्ट व्यवसायी भी अगले एक-दो दिन में नए माल की बुकिंग दीपावली अवकाश, मालवाहक वाहन सुविधा को ध्यान में रख नहीं ले पाएंगे। ट्रांसपोर्ट बुकिंग व माल ढुलाई का जोर घटने की वजह से इन दिनों सूरत कपड़ा मंडी से देशावर मंडियों में जाने वाले वाहनों की संख्या भी डेढ़ सौ तक रह गई है।
- युवराज देशले, प्रमुख, सूरत टेक्सटाइल गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन.
- कम से कम 15 दिन का ब्रेक :
सूरत कपड़ा मंडी में ज्यादातर कपड़ा व्यापारी व स्टाफ राजस्थान से हैं और वहां विधानसभा चुनाव 25 नवंबर को है। दीपावली के अवसर पर गांव जाने वाले अधिकांश व्यापारी-कर्मचारी व अन्य लोग अब चुनाव निपटने के बाद ही सूरत आएंगे। ऐसी स्थिति में उन्हें सूरत लौटते 30 नवंबर हो जाएगी। यह भी एक बड़ी वजह है कि व्यापारी वर्ग पुराने ऑर्डर के माल की पैकिंग और डिस्पेचिंग कर जल्द से जल्द ट्रांसपोर्ट बुकिंग के बाद देशावर मंडियों में रवाना करवाना चाहता है और यह एक-दो दिन में संभव नहीं हो पाया तो फिर माल यूं ही पड़े रहने की आशंका बढ़ जाती है।
Published on:
08 Nov 2023 08:47 pm
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