
SURAT KAPDA MANDI: सूरत मर्कंटाइल एसो. की गुड्स रिटर्न पॉलिसी तैयार
सूरत. प्रतिदिन सैकड़ों करोड़ का कारोबार करने वाली सूरत कपड़ा मंडी में नासूर बनी गुड्स रिटर्न की व्यापारिक समस्या से हजारों कपड़ा व्यापारियों को निजात दिलाने के लिए सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन ने एक पॉलिसी तैयार की है। एसोसिएशन ने गुड्स रिटर्न पॉलिसी मामले में कई ऐसे व्यापारिक नियम बनाए हैं, जिन्हें कपड़ा व्यापारी के अपने कारोबार में लागू करने पर यह समस्या काफी हद तक घट सकती है।कपड़ा व्यापारियों के संगठन सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन की साप्ताहिक व्यापारिक बैठक रविवार सुबह सिटीलाइट स्थित माहेश्वरी भवन में रखी गई। बैठक में एसोसिएशन की नियमित प्रक्रिया के बाद सूरत कपड़ा मंडी की सिरदर्द गुड्स रिटर्न की समस्या पर विस्तार से चर्चा की गई। एसोसिएशन के प्रमुख नरेंद्र साबू ने बताया कि इस संबंध में एक-दो दिन पहले रिंगरोड कपड़ा बाजार स्थित मिलेनियम मार्केट के अलावा रघुकुल मार्केट में व्यापारियों के साथ बैठक हुई थी। बैठक में सभी व्यापारियों ने एसोसिएशन के साथ गुड्स रिटर्न समस्या को दूर करने के लिए ठोस रणनीति बनाए जाने पर सहमति जताई थी। रविवार सुबह बैठक में एसोसिएशन ने कपड़ा बेचने की एक नियमावली तैयार की और निर्धारित किया गया कि इस नियमावली का पालन सूरत कपड़ा मंडी के सप्लायर (कपड़ा व्यापारी), खरीदार, एजेंट को करना रहेगा। बैठक के दौरानबताया गया है कि संस्था शीघ्र ही नए नियम के पोस्टर प्रत्येक मार्केट और दुकानों पर लगवाने पर विचार कर रही है।
बैठक में एसोसिएशन के अशोक गोयल, आत्माराम बाजारी, सुरेंद्र अग्रवाल, राजीव ओमर, राजकुमार चिरानिया, गौरव भसीन, संजय अग्रवाल, दुर्गेश टिबडेवाल, हेमंत गोयल, मनोज अग्रवाल, संदीप अग्रवाल, भरतभाई, राजेश गुरनानी, रामकिशोर बजाज आदि मौजूद थे। बैठक में अतिथि के तौर पर मौजूद रहे यूनियन बैंक के अधिकारियों ने भी बैंक संबंधी व्यापारिक जानकारी दी।
- गुड्स रिटर्न पॉलिसी के ये नियम:
• सूरत के व्यापारी जो माल चालान करते हैं, उसका ऑर्डर फॉर्म होना अनिवार्य रहेगा। ऑर्डर फॉर्म पर एजेंट ओर खरीदार की सम्पूर्ण जानकारी पहचान पत्र के साथ अनिवार्य हो। बगैर ऑर्डर फॉर्म के चालान नहीं होगा।
• माल चालान की बिल्टी तारीख से भेजे गए माल में किसी शिकायत है तो खरीदार को 30 दिन के अंदर लिखित रूप में ( व्हाटसएप या ई-मेल) सुनवाई के लिए सप्लायर को शिकायत देनी होगी।
• ऑर्डर पर बुक किया माल सप्लायर की सहमति के बगैर वापस नहीं होगा।
• ऑर्डर पर भेजा हुआ माल खरीदार व्यापारी अगर बिल तारीख से 60 दिन के अंदर वापस करता है तो उपरोक्त माल 20 प्रतिशत नुकसान के साथ जमा किया जाएगा।
• बिल तारीख से 61 से 90 दिन में फ्रेश गुड्स रिटर्न 40 प्रतिशत नुकसान के साथ जमा किया जाएगा तथा 90 दिन बाद यह वापस नहीं होगा।
• डिफेक्टिव माल 180 दिन बाद वापस नहीं लिया जाएगा।
• पेमेंट की अधिकतम समय सीमा 90 दिन रहेगी, उसके बाद पेमेंट आए तो 18 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज का भुगतान करना होगा।
• माल चालान होने के बाद ट्रांसपोर्टेशन के दौरान किसी भी प्रकार के नुकसान की जवाबदेही सप्लायर की नहीं रहेगी।
• ऐजेंट के माध्यम से जो माल भेजा जाता है, अगर खरीदार व्यापारी पेमेंट नहीं करता है तो 180 दिन के बाद पूरा पेमेंट ऐजेंट को चुकाना होगा।
Published on:
26 Jun 2023 07:03 pm
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