
SURAT NEWS: सामूहिक सम्मेलन में 15 जोड़े विवाह बंधन में बंधे
सूरत. वेसू स्थित शांतम में रविवार सुबह एक सीनियर सिटीजन जोड़े सहित 15 भाग्यवान जोड़े सामूहिक विवाह सम्मेलन में एक-दूसरे के जीवन में हमसफर बने हैं। विवाह आयोजन समिति ने बताया कि लक्ष्मीपति के संजय सरावगी व शांतम के संस्थापक विनोद अग्रवाल के सहयोग से आयोजित समारोह में सभी दुल्हा-दुल्हन विवाह स्थल पर सज-संवरकर गाजे-बाजे के साथ परिजन व आमंत्रित मेहमानों के साथ शांतम हॉल पहुंचे। यहां पर बाद में सामूहिक बारात, वरमाला, सात फेरे आदि की वैवाहिक रस्मे पूरे रीति-रिवाज के साथ निभाई गई। समिति ने नवविवाहित सभी जोड़ों को जीवन उपयोगी सामान भेंट स्वरूप दिया। समिति ने बताया कि सम्मेलन में वर व वधु पक्ष की सहमति से 68 साल की महिला व 72 साल के पुरुष ने भी दाम्पत्य जीवन में नए सिरे से प्रवेश किया है।
साप्ताहिक व्यापारिक बैठक आयोजित
सूरत. सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन की साप्ताहिक व्यापारिक बैठक रविवार सुबह वेसू स्थित मनभरी फार्म पर आयोजित की गई। प्रमुख नरेंद्र साबू ने बताया कि बैठक में व्यापारिक समस्याओं के संदर्भ में मौजूद कपड़ा व्यापारियों ने आवश्यक चर्चा की। इस दौरान दस व्यापारिक समस्याओं का आपसी सहमति से समाधान किया गया। बैठक में सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन के पंच पैनल व लीगल टीम के सदस्यों के अलावा कई व्यापारी मौजूद थे।
सत्संग का अर्थ है सत्य का संग और परमात्मा ही सत्य
सूरत. शहर के गोडादरा क्षेत्र में आयोजित 11 दिवसीय श्रीरामकथा के पहले दिन रविवार को व्यासपीठ पर विराजमान दंडी स्वामी विनोदानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सत्संग का अर्थ है सत्य का संग और परमात्मा ही सत्य है। भवसागर को पार करने के लिये सत्संग जरूरी है। दंडी स्वामी ने अपने प्रवचन मे कहा कि सुंदरता का अर्थ परम पिता परमेश्वर से है जिसमे लीन रहना ही सुरत है। रामकथा में स्वामी विनोदानंद सरस्वती जी ने देवराज इन्द्र के पुत्र जयंत द्वारा माता सीता के पैर मे चोच मारने से लेकर उसके दुष्परिणाम की सुंदर व्याख्या की ।
Published on:
18 Apr 2022 10:58 am
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