
SURAT NEWS: कहीं देखा है ऐसा, भांजे को खिलाते है जलेबी
सूरत. अनंत चतुर्दशी के मौके पर जहां सूरत समेत देशभर में गणेश चतुर्थी से दस दिवस के लिए विराजित प्रथम आराध्यदेव विघ्नहर्ता को भावभीनी विदाई दी गई वहीं, शहर से सटे समुद्र तट पर बसे गांव भीमपोर में एक अनूठी परम्परा का भी निर्वाह भी गुरुवार को किया गया। गांव के लोगों ने अपनी बहन-बेटियों के बेटों याने भांजों को दूर-दराज के गांवों से बुलाकर जलेबी खिलाई और शगुन के रुपए दिए।
भारतवर्ष उत्सव व परम्परा में विश्वास करने वाला देश है और यहां सात कोस पर वाणी और पाणी बदलने की बात भी उतनी ही सच है। उत्सव में रचे-बसे लोगों ने गुरुवार को ही दस दिवसीय गणपति महोत्सवकी पूर्णाहुति की और श्राद्ध पक्ष के पंद्रह दिन बीतने के बाद फिर से दस दिवसीय नवळी नवरात्रि के महोत्सव की शुरुआत हो जाएगी। इससे पूर्व अनंत चतुर्दशी को गणपति बप्पा की विदाई वेला में सूरत के समुद्र तट पर बसे भीमपोर गांव में भांजों को जलेबी खिलाने की अनूठी परम्परा निभाई गई। इस परम्परा के बारे में गांव की ही नेनिता ने पत्रिका को बताया कि यह वर्षों पुरानी परम्परा है और छोटे से गांव में अनंत चतुर्दशी के एक ही दिन में 8-10 लाख रुपए की जलेबी चट कर ली जाती है। गांव के ही रमेश लश्करी ने बताया कि एक-दूसरे से मीठा बोलने व मधुर व्यवहार के सिलसिले को शुरू करने के लिए यह शुरुआत कई सौ वर्ष पहले गांव में की गई थी, जो कि आज भी अनंत चतुर्दशी के मौके पर बदस्तूर जारी है।
Published on:
12 Sept 2019 09:04 pm

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