
SURAT NEWS: दस दिवसीय दशा माता व्रत-उत्सव, खूब होगी आराधना
सूरत. दस दिवसीय दशा माता व्रत-पूजन के सिलसिले में शहर के प्रमुख स्थलों पर श्रंृगारित दशा माता की प्रतिमाएं सज गई है। श्रावण अमावस्या गुरुवार को शहर के विभिन्न इलाकों में श्रद्धालु दशा माता की प्रतिमा बाजे-गाजे के साथ स्थापित करेंगे और दस दिन तक दशा माता की खूब आराधना की जाएगी।
जीवन की दशा और दिशा सुधारने के लिए शहर के श्रद्धालु श्रावण अमावस्या से दस दिवसीय दशा माता व्रत-पूजन की शुरुआत करेंगे। इससे पूर्व बुधवार रात से ही शहर के प्रमुख स्थलों पर श्रृंगारित दशा माता की प्रतिमाओं को बाजे-गाजे के साथ स्थापना के लिए ले जाने का सिलसिला श्रद्धालुओं की ओर से देर तक चलता रहा। दस दिवसीय दशा माता की व्रत-आराधना के दौरान व्रतधारी कन्याएं, युवतियां एवं महिलाएं गीत गाकर माता से जीवन में दशा और दिशा सुधारने की कामना व्यक्त करेंगी। इस दौरान वे दस दिवस तक व्रत-उपवास रखेगी। गुरुवार से शुरू होने वाले इस त्योहार के सिलसिले में शहर के सहारा दरवाजा, उधना दरवाजा, गोडादरा समेत अन्य कई स्थलों पर मूर्तिकारों के यहां तैयार दशा माता की प्रतिमाएं स्थापना के लिए ले जाने का सिलसिला बुधवार से शुरू हो गया। दस दिवसीय दशा माता व्रत-आराधना के दौरान नियमित पूजा-अर्चना, अनुष्ठान, कथा श्रवण आदि के आयोजनों में व्रती भाग लेंगे और दसवें दिन स्थापित प्रतिमाओं को भावभीनी विदाई दी जाएगी।
शिवभक्ति का जोर शहर में अब और बढ़ेगा
सूरत. भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास में त्रिनेत्रधारी महेश्वर की भक्ति शुक्रवार से पूरे निखार पर होगी। श्रावण शुक्ल प्रतिपदा से गुजराती-मराठी समाज का श्रावण मास शुरू हो जाएगा और शिवालयों में भगवान महादेव की जय-जयकार की गूंज अधिक सुनाई देने लगेगी। वहीं, गुरुवार को हरियाली अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा।
उत्तर भारतीय पंचांग के मुताबिक पवित्र श्रावण मास का कृष्णपक्ष गुरुवार को हरियाली अमावस्या के साथ पूरा हो जाएगा और अगले दिन शुक्रवार से गुजराती-मराठी पंचांग से श्रावण पर्व मनाने वाले गुजराती-मराठी समाज भी शिवभक्ति में गोते लगाने लगेगा। श्रावण की शुरुआत से पूर्व कतारगांव के कंतारेश्वर महादेव मंदिर, वराछा के सिद्धकुटीर मंदिर व कामनाथ महादेव मंदिर, उमरा के रुंढनाथ महादेव मंदिर व रामनाथ घेला महादेव मंदिर, जहांगीरपुरा के कुरुक्षेत्र मंदिर के अलावा अन्य शिवालयों में तैयारियां होने लगी है। उत्तर भारतीय पंचांग के मुताबिक श्रावण मास रक्षाबंधन को पूर्ण हो जाएगा, लेकिन गुजराती-मराठी पंचांग के मुताबिक अगले पंद्रह दिवस तक भगवान शिव की भक्ति का दौर शहर में जारी रहेगा।
-हरियाली अमावस्या मनाएंगे
श्रावण अमावस्या को हरियाली अमावस के रूप में गुरुवार को मनाया जाएगा। इस दौरान सूरत में बसे उत्तर भारतीय प्रवासी विशेष रूप से घर से बाहर निकलेंगे और शिवालयों समेत अन्य प्राकृतिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। हरियाली अमावस्या के मौके पर मंदिरों में भी विशेष आयोजन किए जाएंगे। इसके अलावा राजस्थानी समाज की महिलाएं छोटी तीज के उपलक्ष में आयोजनों की तैयारियों में व्यस्त होगी।
Published on:
27 Jul 2022 09:22 pm
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