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SURAT NEWS: आदिवासी बहुल डांग में कपड़ा व्यापारी बना रहे हैं मंदिर

-धर्मांतरण रोकने व धर्म जागरण की दिशा में बताते हैं इसे सार्थक प्रयास

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SURAT NEWS: आदिवासी बहुल डांग में कपड़ा व्यापारी बना रहे हैं मंदिर

SURAT NEWS: आदिवासी बहुल डांग में कपड़ा व्यापारी बना रहे हैं मंदिर

सूरत. मंदिर निर्माण के साथ समाज में धर्म चेतना की लहर पैदा करने का प्रयास सूरत कपड़ा मंडी के व्यापारी दक्षिण गुजरात के आदिवासी बहुल डांग-वलसाड जिले में कर रहे हैं। 2017 से जारी आदिवासी बहुल क्षेत्र में मंदिर निर्माण अभियान के तहत शनिवार को छठ्ठे सप्तश्रृंगी माता मंदिर का भूमिपूजन गुजरात-महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित आदिवासी बहुल गांव में किया गया।
आदिवासी बहुल दक्षिण गुजरात के डांग जिले में सह्याद्री पर्वतमाला है और इसके छोटे-बड़े गांवों में बड़ी संख्या में बसे आदिवासियों को प्रलोभन के जरिए ईसाई मिशनरी द्वारा धर्मांतरित किए जाने के मामले लगातार बनते रहते हैं। आदिवासियों के धर्मांतरण को रोकने के लिए गांव-गांव मंदिर निर्माण की मुहिम विश्व हिन्दू परिषद ने कई वर्षों पहले छेड़ी थी और इसमें पांच-छह साल पहले सूरत कपड़ा मंडी के कपड़ा व्यापारी अनिल पीतलिया भी शामिल हुए। शनिवार को पीतलिया मंदिर निर्माण मुहिम के अन्तर्गत सातवें सप्तश्रृंगी माता मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस मंदिर का निर्माण सापुतारा के निकट गुजरात-महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित उमरनाघोड़ा गांव में विधिविधान से किया गया। इस संबंध में अनिल पीतलिया ने बताया कि विश्व हिन्दू परिषद ने आदिवासी बहुल डांग क्षेत्र में ईसाई धर्मांतरण रोकने के लिए मंदिर निर्माण से धर्म जागरण पर जोर दिया था और तब से इस अभियान में वे शामिल हैं।

-यहां-यहां पर हो चुका है मंदिर निर्माण

2017 में वलसाड जिले की धरमपुर तहसील में आदिवासी बहुल धामनीगांव में हनुमानजी मंदिर का निर्माण करवाया गया और इसके बाद मांकड़बन गांव में हनुमानजी-शनिदेव मंदिर, अरनाई गांव में माताजी मंदिर, मेड़दागांव में हनुमानजी मंदिर, सापुतारा में पुरी हिल स्थित जमीन पर लैटे शिवरुद्र हनुमान मंदिर का निर्माण करवाया गया है।