
SURAT NEWS: थोड़ा ही चलो मगर पैदल जरूर चलो
सूरत. खेल के मैदान में, कसरत करते जिम में और रस्ते चलते लोगों की हृदयाघात से हो रही मौत के मामले में सजगता जरूरी है। कार्डियो पल्मोनेरी रिससिटेशन (सीपीआर) के बारे में जहां सभी को जानकार होना चाहिए वहीं, थोड़ा ही सही मगर पैदल जरूर चलना चाहिए। संभव हो तो दूसरी-तीसरी मंजिल तक लिफ्ट को अवॉइड करें और थोड़ी दूर जाने के लिए वाहन से भी परहेज रखें। यह बात रविवार सुबह शहर के जाने-माने हृदयरोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अपूर्व वसावड़ा ने सिटीलाइट स्थित माहेश्वरी भवन में जीवन आदर्श उत्कर्ष परिषद व श्रीमाहेश्वरी भवन समिति ट्रस्ट की ओर से आयोजित स्वास्थ्य जागरुकता सेमिनार में कही।
सेमिनार की शुरुआत में परिषद के संस्थापक श्रीकांत मुंदड़ा ने बताया कि जीवन आदर्श उत्कर्ष परिषद की ओर से यह 36वीं स्वास्थ्य सेमिनार है। सेमिनार का आयोजन नर सेवा-नारायण सेवा के उद्देश्य से किया गया है, ताकि आमजन को मौजूदा शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या के कारण व बचाव के उपायों के बारे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जानकारी मिल पाए। बाद में सेमिनार में हृदयरोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. अपूर्व वसावड़ा ने बारी-बारी से हृदयाघात के विभिन्न प्रकार, कारण और बचाव के उपाय के बारे में जानकारी दी। डॉ.वसावड़ा ने संबोधन के दौरान आपदा स्थिति में सीपीआर (कार्डियो पल्मोनेरी रिससिटेशन) देने के तरीके के बारे में सभी को जानकार होने की जरूरत पर जोर देते हुए बताया कि सामान्य सी जांच के बाद सीपीआर का जानकार कोई भी व्यक्ति 108 एंबुलेंस आने तक पीडि़त में जान फूंकने का काम कर सकता है। इसके अलावा सभी व्यक्तियों को पैदल चलने के प्रति समय अवश्य निकालना चाहिए। शारीरिक स्वस्थता से हृदय रोग समेत अन्य कई तरह की बीमारियों को दूर रखा जा सकता है। सेमिनार के दौरान गजानंद मालपानी, प्रमोद चौधरी, कृष्णगोपाल मुंदड़ा, घनश्याम चांडक, गजानंद राठी, अतुल बांगड़, निर्मलेश आर्य, विनय अग्रवाल समेत अन्य कई लोग मौजूद थे।
- कोविड वैक्सीन की वजह को नकारा:
सेमिनार में कम उम्र के लोगों की हृदयाघात से हो रही मौतों के मामले में कोविड वैक्सीन को डॉ. वसावड़ा ने व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का भ्रामक ज्ञान बताया। उन्होंने कहा कि हाल ही में यूके में इस बारे में गहन अध्ययन के बाद रिपोर्ट जारी हुई है और उसमें प्रति दस लाख लोग अलग-अलग कंपनी की कोविड वैक्सीन लेने वालों की हृदयाघात से मौत के नाममात्र मामले सामने आए हैं। इस तरह की मौत में अन्य दूसरे कारण होने की आशंका उन्होंने जताई।
- अति सर्वत्र वर्जयते :
कोरोना महामारी के बाद सभी लोग हेल्थ के प्रति जागरूक हुए हैं। यह बेहद अच्छी बात है और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी भी है, लेकिन शारीरिक श्रम की मात्रा उतनी ही जरूरी है जितना शरीर कर पाए। अधिक भोजन के समान अधिक कसरत भी हानिकारक साबित हो सकती है। सेमिनार के अंत में 15 मिनट का प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम भी रखा गया। इसमें कई महिला-पुरुषों ने हृदयरोग संबंधी अपनी जिज्ञासाएं डॉ. अपूर्व वसावड़ा के समक्ष रखी और उनके समुचित उत्तर जाने।
Published on:
08 Oct 2023 09:35 pm
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