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सूरत का अमन जैन आईईएस में रहा अव्वल

- पहले प्रयास में ही हासिल की सफलता

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सूरत का अमन जैन आईईएस में रहा अव्वल

सूरत. अमन जैन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा आयोग द्वारा आयोजित इंडीयन इंजीनीयरिंग सर्विसेज (आईईएस) में देश भर में पहला स्थान हासिल किया है। अपने पहले ही प्रयास में सफल होकर अमन ने सूरत ही नहीं प्रदेश का नाम देश भर में रोशन किया है। अपने पुत्र की उपलब्धि पर गौरवान्वित अमन के पिता धीरेन्द्र जैन ने बताया कि अमन का जन्म १९९५ में इंदौर में हुआ था। उसकी दसवीं तक की शिक्षा सूरत के ही निजी स्कूल में हुई।

उसके बाद वह कोटा में आईआईटी की तैयारी की। नेशनल इंस्टट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी वारंगल से बी टेक किया। उसके बाद उसने आईईएस की तैयारी शुरू कर दी। घोड़दौड़ पर रहने वाले धीरेन्द्र ने बतााया कि मैं कपड़ा बाजार में ग्रे कपड़े की दलाली करता हूं। मेरी इच्छा थी कि मेरा बेटा इंजीनीयरिंग के क्षेत्र में देश के सेवा करे। शुक्रवार रात प्रशासनिक सेवा के परिणाम जाहिर होने पर मुझे लगता है कि मेरे मन की मुराद पुरी हो गई।

अमन के साथ उनकी मां ने भी तपस्या

फिलहाल हजीरा स्थित हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) बतौर इंजीनीयर काम करने वाले अमन अपनी सफलता को आचार्य विद्यासागर व सुधासागर म.सा. का आशीर्वाद बताते है। उन्होंने बताया कि परिक्षा की तैयारी उन्होंने एक साल तक दिल्ली में रह कर की। इस दौरान उनकी माता ज्योति जैन भी उनके साथ रही। वे दिन में 10-12 घंटे तक पढ़ते थे। उनकी माता भी उनके साथ जाग कर उनका ख्याल रखती थी।

गुरु से मिली देश सेवा की प्रेरणा

अमन लखनऊ में रहने वाले प्रोफेसर देवेन्द्र कुमार को अपना गुरु मानते है। उन्होंने बताया कि कोटा में पढ़ाई के दौरान वे उनके संपर्क में आए। उन्होंने छोटे भाई की तरह मार्ग दर्शन दिया। उन्होंने कहा था कि वे उसे आईईएस में देखना चाहते है। आईआईटी के बाद उन्होंने कहा था कि किसी निजी कंपनी में काम मत करना भले ही कितना ही उंचा वेतन क्यों न मिले। तुम्हें देश की सेवा करनी है। अमन का कहना है कि उनका सपना रेलवे में जाकर देश की सेवा करने का था जो अब पूरा होता महसूस हो रहा है।

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