25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

SURAT SPECIAL NEWS: 3 देश, 20 राज्य और 18 हजार किलोमीटर पदयात्रा

आचार्य महाश्रमण के सानिध्य में 9 नवम्बर 2014 से गतिमान हुई थी यात्रा - यात्रा के उद्देश्य में सद्भावना का संप्रसार, नैतिकता का प्रचार व नशामुक्ति का अभियान

2 min read
Google source verification
SURAT NEWS: आचार्य महाश्रमण का कामरेज से परवत पाटिया विहार आज

SURAT NEWS: आचार्य महाश्रमण का कामरेज से परवत पाटिया विहार आज

सूरत. मैं सद्भावनापूर्ण व्यवहार करने का प्रयत्न करुंगा। मैं यथासंभव ईमानदारी का पालन करूंगा। मैं नशामुक्त जीवन जीऊंगा। इन तीन संकल्प को देश-विदेश में अभी तक एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने अंगीकार किया है। ये संकल्प युगप्रधान आचार्य महाश्रमण के सानिध्य में आठ वर्ष तक गतिमान रही अहिंसा यात्रा के मुख्य उद्देश्य के रूप में शामिल हैं।

शांतिदूत आचार्य महाश्रमण सद्भावना, नैतिकता व नशामुक्ति के त्रिआयामी मिशन के साथ अहिंसा यात्रा की हैं। यह यात्रा हिंदुस्तान के 20 राज्यों और नेपाल व भूटान में 18 हजार किलोमीटर से अधिक संकल्प के साथ गतिमान रही। अहिंसा पदयात्रा की शुरुआत आचार्य महाश्रमण ने करीब आठ वर्ष पहले 9 नवम्बर 2014 को नई दिल्ली से की थी। यात्रा के दौरान लाखों लोगों ने आचार्यश्री के संदेश से प्रभावित होकर तीनों संकल्पों को स्वीकार कर अपने जीवन को स्वस्थ और प्रशस्त बनाया। अहिंसा यात्रा का समापन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में गत 27 मार्च को हुआ था।

- नेपाल सरकार ने जारी किया डाक टिकट :

आचार्य महाश्रमण के सानिध्य में जारी अहिंसा पदयात्रा और उसके त्रिआयामी उद्देश्यों ने नेपाल यात्रा के दौरान वहां हजारों- लाखों लोगों के जीवन में परिवर्तन ला दिया। वहीं, नेपाल सरकार ने अहिंसा यात्रा पर 25 रुपए का डाक टिकट जारी कर मानवता को समर्पित कर इस अभियान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

- इन राज्यों में यात्रा का प्रवेश :

करीब आठ वर्ष पहले दिल्ली से रवाना हुई अहिंसा पदयात्रा देश के 20 राज्यों में पहुंच थी। इनमें नागालैंड, असम, मेघालय, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडि़सा, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडू, पुड्डुचेरी, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश शामिल हैं।

- माना कि अंधकार घना है, पर दीपक जलाना कब मना है :

हम अहिंसा यात्रा कर रहे हैं। इसके तीन उद्देश्य हैं- सद्भावना का संप्रसार, नैतिकता का प्रचार व नशामुक्ति का अभियान। मेरा मानना है कि यदि हर व्यक्ति सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति को आत्मसात कर ले तो विश्व की अनेक समस्याओं को उत्पन्न होने का अवसर ही न मिले। अहिंसा यात्रा हिंसा, अनैतिकता और असंयम के अंधकार में सद्भावना, नैतिकता और नशामुक्ति के दीप प्रज्ज्वलित करने का प्रयास हैं।

- आचार्य महाश्रमण