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SURAT SPECIAL NEWS: 19 साल बाद श्रावण में आठ सोमवार का बना दुर्लभ संयोग

- इस बार श्रावण मास 59 दिवस का रहेगा: - 18 जुलाई से 16 अगस्त तक अधिक मास:

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SURAT SPECIAL NEWS: 19 साल बाद श्रावण में आठ सोमवार का बना दुर्लभ संयोग

SURAT SPECIAL NEWS: 19 साल बाद श्रावण में आठ सोमवार का बना दुर्लभ संयोग

सूरत. भोलेनाथ को मनाने के लिए श्रद्धालुओं को मंगलवार से शुरू हुए श्रावण मास में चार सोमवार नहीं, बल्कि इस बार आठ सोमवार का सुखद संयोग मिलेगा। इतना ही नहीं, नौ मंगला गौरी की व्रत-आराधना करने का भी अवसर पवित्र श्रावण मास के पहले दिन से ही मिलने लगा है। 19 साल बाद श्रावण में आठ सोमवार का यह संयोग बना है और इसकी वजह अधिक मास अर्थात पुरुषोत्तम मास रहा है।श्रावण मास की शुरुआत यूं तो आषाढ़ पूर्णिमा सोमवार से हो गई है। श्रावण कृष्ण प्रतिपदा मंगलवार से शिवालयों में हर-हर-महादेव व ऊं नम: शिवाय की गूंज सुनाई देने लगी है। मंगलवार से प्रारंभ हुआ श्रावण मास 31 अगस्त को समाप्त होगा। इस बार शिवभक्ति के लिए 59 दिवस की अवधि मिलेगी। आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी से पांच दिवसीय अलूणा व्रत पिछले दिनों ही शुरू हुआ था और इस दौरान शिवालयों में किशोरियां, युवतियां व नवविवाहिताएं शंकर-पार्वती की नियमित पूजा-आराधना में व्यस्त दिखीं। मंगलवार से श्रावण शुरू होते ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की संख्या एकदम बढ़ गई है।

-यूं करते हैं अधिक मास की गणना:

ज्योतिषी मुकेश पारीक ने अधिक मास अर्थात पुरुषोत्तम मास की गणना के बारे में बताया कि यह गणना वैदिक पंचांग से की जाती है। पंचांग की गणना सौर मास और चंद्र मास के आधार पर की जाती है। चंद्रमास 354 दिन का होता है। वहीं, सौर मास 365 दिन का होता है। दोनों में 11 दिनों का अंतर रहता है और प्रत्येक तीसरे वर्ष यह अंतर 33 दिन की अवधि का हो जाता है। इस तरह से अधिक मास तीन साल के अंतर से आता है और इस बार यह श्रावण मास के बीच में आने से अब की बार श्रावण दो महीने का है। धर्म शास्त्रों के अनुसार, अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु हैं। वहीं, श्रावण मास शिवजी को विशेष प्रिय है। ऐसी स्थिति में इस बार श्रावण व अधिक मास साथ होने की वजह से भोलेनाथ व श्रीविष्णु हरि की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होगी।

- श्रावण सोमवार का चलेगा सिलसिला:

ज्योतिषी माणक शास्त्री ने बताया कि करीब दो माह की अवधि का श्रावण मास होने से भगवान शिव के अतिप्रिय सोमवार का संयोग आठ बार बनेगा। श्रावण मास का पहला सोमवार 10 जुलाई को आएगा। इसके बाद सिलसिलेवार दूसरा सोमवार 17 जुलाई, तीसरा सोमवार 24 जुलाई, चौथा सोमवार 31 जुलाई, पांचवां सोमवार 7 अगस्त, छठा सोमवार 14 अगस्त, सातवां सोमवार 21 अगस्त व आठवां सोमवार 28 अगस्त को है। श्रावण मास के सोमवार को सूरत समेत दक्षिण गुजरात में रुद्राभिषेक, शिवमह्मिन, रुद्रीपाठ, महामृत्युंजय जाप समेत अन्य कई धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।