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SURAT SPECIAL NEWS: अलखधाम मेला 16 से चढ़ेगा परवान, हजारों श्रद्धालु जाएंगे पैदल

- लोकदेवता बाबा रामदेवजी महाराज का अमृत नवरात्र महोत्सव भाद्रपद शुक्ल एकम से एकादशी 25 सितंबर तक चलेगा : - भाद्रपद शुक्ल नवमी को शोभायात्रा, ध्वजा-नेजा पूजन समेत होंगे कई कार्यक्रम, सूरत से दर्जनों संघ व मंडल की पदयात्रा :

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SURAT SPECIAL NEWS: अलखधाम मेला 16 से चढ़ेगा परवान, हजारों श्रद्धालु जाएंगे पैदल

SURAT SPECIAL NEWS: अलखधाम मेला 16 से चढ़ेगा परवान, हजारों श्रद्धालु जाएंगे पैदल

सूरत. लोकदेवता बाबा रामदेवजी महाराज का भादो मेळा भाद्रपद शुक्ल प्रथमा 16 सितंबर से अलखधाम से शुरू होगा। दस दिवसीय मेले के दौरान सूरत समेत आसपास से रामसापीर के हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन करने पहुंचेंगे। इस मौके पर श्रीलक्क्ष्मीचंद बापू नकलंक सेवा मंडल की ओर से श्रीशिवशक्ति रामदेव अलखधाम में भाद्रपद शुक्ल एकादशी 25 सितंबर तक कई धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।अलखधाम में अमृत नवरात्र मेले के दौरान सूरत शहर के परवत पाटिया, गोडादरा, टीकमनगर, पुणागांव, डिंडोली आदि क्षेत्रों से बड़ी संख्या में संघ व मंडल की ओर से पैदल यात्रा के आयोजन किए जाएंगे। यात्रा में प्रतिदिन हजारों की संख्या श्रद्धालु महिला-पुरुष नाचते-गाते पैदल-पैदल बारडोली के निकट अलखधाम पहुंचेंगे। वहां पर प्रवीणा मैया व योगेश्वर बापू समेत कई साधु-संतों के सानिध्य में कई धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे और मंदिर व समाधि स्थल के दर्शन-पूजन का लाभ लेंगे। महोत्सव में भादवी बीज रविवार को सुबह ध्वजा-नेजा पूजन के अलावा दिव्य ज्योतिपाठ की शुरुआत की जाएगी। वहीं, भाद्रपद शुक्ल नवमी के मौके पर 24 सितंबर को बाबा रामदेवजी महाराज, बापू की प्रतिमा पालखी शोभायात्रा आदि के आयोजन भी मंडल की ओर से किए जाएंगे। मेले का समापन भाद्रपद शुक्ल एकादशी 25 सितंबर को दिव्य ज्योतिपाठ दर्शन, भजन-सत्संग आदि के आयोजन होंगे।

- साफ-सफाई और सुरक्षा भी बताई जरूरी :

श्रीलक्क्ष्मीचंद बापू नकलंक सेवा मंडल संचालित श्रीशिवशक्ति रामदेव अलखधाम के योगेश्वर बापू ने बताया कि भादो मेळा के दौरान हजारों यात्री दूर-दूर से पैदल अलखधाम पहुंचते हैं। ज्यादातर यात्री रात्रि में यात्रा करते हैं और 20-25 किलोमीटर लंबे मार्ग में वाहनों से पैदलयात्रियों की दुर्घटना का अंदेशा रहता है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि पैदलयात्रा के आयोजक संघ व मंडल संचालक यात्रियों के परिधान पर रेडियम का उपयोग करें ताकि दुर्घटना से बचा जा सके। वहीं, मंदिर में प्रसाद, फूलहार, श्रीफल व पूजा सामग्री चढ़ाने पर रोक है। श्रद्धालु बाबा के दर्शन करें और प्रसादी ग्रहण करें। यात्रा मार्ग में पदयात्रियों की सेवा के लिए स्टाल लगाने वाले सेवादार अपने आसपास की जगह पर साफ-सफाई का भी ध्यान रखें ताकि यात्रा मार्ग में गंदगी को दूर रखा जा सके।