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SURAT SPECIAL NEWS: देवउठनी एकादशी कल, सावे ही सावे, लग्नसरा ग्राहकी से बंपर उम्मीदें

- धार्मिक कार्यक्रमों की रहेगी भरमार, शुभ प्रसंगों के भी होंगे अनेक आयोजन - दक्षिण भारत के व्यापारी पहुंचने भी लगे सूरत कपड़ा मंडी में

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SURAT SPECIAL NEWS: देवउठनी एकादशी कल, सावे ही सावे, लग्नसरा ग्राहकी से बंपर उम्मीदें

SURAT SPECIAL NEWS: देवउठनी एकादशी कल, सावे ही सावे, लग्नसरा ग्राहकी से बंपर उम्मीदें

सूरत. कार्तिक शुक्ल एकादशी पर गुरुवार को देवउठनी एकादशी पर्व मनाया जाएगा। इसके साथ ही शुभ प्रसंगों पर करीब पांच माह से लगा विराम हट जाएगा। इस दौरान धार्मिक-सामाजिक कार्यक्रमों के हजारों आयोजन होंगे। इसमें वैवाहिक सावे प्रमुखता से रहेंगे। इस बार व्यापक मात्रा में सावे होने से सूरत कपड़ा मंडी में लग्नसरा सीजन भी बखूबी चलने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस बार देवशयनी एकादशी 29 जून को थी और इसके साथ ही चातुर्मास काल (वर्षा काल) शुरू हो गया था। इसके कुछ दिन बाद ही 18 जुलाई से अधिक मास अर्थात पुरुषोत्तम मास की शुरुआत हो गई थी, जो 16 अगस्त तक रहा। इसके बाद फिर से चातुर्मास काल शुरू हुआ, जो कार्तिक शुक्ल एकादशी गुरुवार को देवउठनी एकादशी के साथ पूर्ण होगा। इस वर्ष अधिक मास चातुर्मास काल के दौरान आने से चार माह का वर्षा काल बढ़कर पांच माह में बदल गया था। चातुर्मास काल देवउठनी एकादशी को पूर्ण हो जाएगा। पहले अबूझ सावे पर सूरत समेत दक्षिण गुजरात में बड़े पैमाने पर वैवाहिक कार्यक्रमों के अलावा कई शुभ प्रसंग आयोजित किए जाएंगे। देवउठनी एकादशी गुरुवार को तुलसी-शालिग्राम विवाह के भी आयोजन शहर में श्रद्धालुओं की ओर से किए जाएंगे।

- धनुर्मलमास 15 जनवरी को होगा पूरा :

ज्योतिषी घनश्याम भारद्वाज ने बताया कि सूर्य के धनु राशि में प्रवेश के साथ ही धनुर्मलमास शुरू हो जाएगा और इस दौरान शुभ प्रसंग पर फिर से रोक लग जाएगी। यह रोक मकर संक्रांति के बाद वर्ष 2024 में 16 जनवरी से हटेगी। इसके बाद विवाह समेत शुभ कार्यक्रमों के आयोजनों का लंबा दौर चलेगा जो कि देवशयनी एकादशी से पहले 15 जुलाई तक जारी रहेगा। हालांकि इस बीच मई और जून में शुभ कार्य पर फिर से ज्योतिष मत से रोक रहेगी।

तारीखवार सावों की सूची :-

देवउठनी एकादशी के बाद नवंबर में ही 24, 27, 28 व 29 नवंबर को वैवाहिक सावे हैं। इसके बाद वर्ष के अंतिम माह दिसंबर में धनुर्मलमास शुरू होने से पहले 5, 6, 7, 8, 9, 11 व 15 दिसंबर के सावे पर कई वैवाहिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

- जनवरी- 2024 में 16 तारीख के बाद 17, 20, 21, 22, 27, 28, 30 व 31 जनवरी का सावा रहेगा। इसके बाद फरवरी में 4, 6, 7, 8, 12, 13, 17, 24, 25, 26 व 29 तारीख के सावे शामिल हैं। मार्च में 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 10, 11 व 12 तारीख वैवाहिक सावे हैं। अप्रेल में वैवाहिक सावों की संख्या केवल पांच ही है और यह 18, 19, 20, 21 व 22 अप्रेल है। इसके बाद मई-जून में कोई सावा नहीं है। जुलाई में 9, 11, 12, 13, 14 व 15 जुलाई का सावा शामिल है।

- लग्नसरा सीजन में बंपर ग्राहकी की उम्मीद :

कपड़ा व्यापारी व फोस्टा डायरेक्टर पुरुषोत्तम अग्रवाल ने बताया कि दीपावली वेकेशन लाभपंचमी को पूरा हो गया, लेकिन अभी भी सूरत कपड़ा मंडी में अवकाश जैसा माहौल है। राजस्थान विधानसभा चुनाव 25 नवंबर को होंगे और इसके बाद अधिकांश कपड़ा व्यापारी लौट आएंगे। कपड़ा व्यापारियों को भी इस बार वैवाहिक सावे अधिक होने से जनवरी के बाद शुरू होने वाले लग्नसरा सीजन में बंपर ग्राहकी की उम्मीद है।

- आने लगे कपड़ा व्यापारी :

सूरत टेक्सटाइल मार्केट के कपड़ा व्यापारी व सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन के प्रमुख नरेंद्र साबू ने बताया कि लाभ पंचमी से कपड़ा व्यापार की शुरुआत हो चुकी है और सूरत कपड़ा मंडी में धीरे-धीरे स्थानीय व्यापारी लौटने लगे हैं। दक्षिण भारत में पोंगल त्योहार के सिलसिले में कपड़ा खरीदने के लिए तमिलनाडू समेत अन्य राज्यों से कपड़ा व्यापारी यहां आने लगे हैं। अगले सप्ताह तक उनकी संख्या अच्छी-खासी बढ़ जाएगी।