23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

SURAT SPECIAL NEWS: अधिक मास का प्रभाव : इस बार त्योहारों में रहेगा विलंब

- श्रावण में अधिक मास 2004 में आया था, अब 19 साल बाद आया यह संयोग  

2 min read
Google source verification
purushottam_month-2.jpg

-्सूरत. शिवभक्ति का श्रावण मास जारी है। श्रावणी अमावस्या के बाद अधिक मास अर्थात पुरुषोत्तम मास शुरू हो गया है और इस वजह से इस बार सभी त्योहार विलंब से आएंगे। श्रावण अधिक मास आगामी 16 अगस्त तक रहेगा और इसके बाद श्रावण शुक्ल पक्ष की शुरुआत होगी। ज्योतिष गणना के अनुसार, श्रावण के दौरान अधिक मास 2004 में आया था और अब यह संयोग 19 साल बाद आया है।

आषाढ़ शुक्ल एकादशी को देवशयनी एकादशी के साथ ही चातुर्मास काल की शुरुआत हो गई थी। मान्यता है कि चातुर्मास में भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं। चातुर्मास काल में श्रावण, भाद्रपद, आश्विन व कार्तिक मास आते हैं। इस बार 19 साल बाद अधिक मास आने से चातुर्मास काल चार के बजाय पांच महीने का रहेगा और इसका असर श्रावण से शुरू होने वाले सभी त्योहारों पर भी रहेगा। श्रावण पूर्णिमा को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा, लेकिन इस बार यह त्योहार 30 अगस्त को आएगा जबकि गतवर्ष राखी का त्योहार 11 अगस्त को मनाया गया था। रक्षाबंधन के समान जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, पितृपक्ष, शारदीय नवरात्र, दशहरा, धनतेरस, दीपावली, भाईदूज आदि त्योहार इस बार सभी विलंब से आएंगे।

-जानिए कौनसा त्योहार कब आएगा :

त्योहार इस वर्ष गत वर्ष

रक्षाबंधन 30 अगस्त 11 अगस्तजन्माष्टमी 7 सितंबर 18 अगस्त

गणेश चतुर्थी 19 सितंबर 31 अगस्तपितृ पक्ष 29 सितंबर 10 सितंबर

नवरात्रि 15 अक्टूबर 26 सितंबरदशहरा 24 अक्टूबर 5 अक्टूबर

करवा चौथ 1 नवंबर 13 अक्टूबरदीपावली 12 नवंबर 24 अक्टूबर

देवउठनी एकादशी 23 नवंबर 4 नवंबर

0 -19 दिवस का अंतर:

पिछले वर्ष में और इस वर्ष में रक्षाबंधन त्योहार में 19 दिनों का अंतर रहेगा। राखी के बाद भी सभी त्योहारों में ऐसी ही कुछ अवधि का अंतर रहेगा। अधिक मास की वजह से इस बार श्रावण मास 58 दिवसीय है और इसकी वजह से ही ज्यादातर त्योहार 15-20 दिन के विलंब से आएंगे।

- मुकेश पारीक, ज्योतिषी