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SURAT SPECIAL NEWS: रिहा मछुआरों की घरवापसी का सहयोग केंद्र बनता है ‘गुजरात भवन’

-सभी 200 मछुआरे रविवार तड़के अमृतसर से वड़ोदरा के लिए होंगे रवाना -यात्रा को सरलता से सम्पन्न करवाने में रेलवे विभाग की भी बड़ी भूमिका  

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SURAT SPECIAL NEWS: रिहा मछुआरों की घरवापसी का सहयोग केंद्र बनता है ‘गुजरात भवन’

SURAT SPECIAL NEWS: रिहा मछुआरों की घरवापसी का सहयोग केंद्र बनता है ‘गुजरात भवन’

सूरत. चार-पांच साल तक पाकिस्तान में कैद रहे 200 मछुआरे रविवार को गुजरात लौट रहे हैं। इनकी सकुशल घरवापसी में हर बार की तरह इस बार भी दिल्ली स्थित गुजरात भवन का सहयोग अहम रहा है। गुरुवार को कराची रेलवे स्टेशन से रवाना हुए सभी मछुआरे शुक्रवार रात वाघा बॉर्डर पहुंच गए थे। शनिवार को दिनभर इनकी पाकिस्तान से भारत व पंजाब से गुजरात के बीच सुपुर्दगी प्रक्रिया चलती रही। गुजरात मत्स्य विभाग की सात सदस्यीय टीम सभी रिहा मछुआरों को अमृतसर-कुच्चुवेली एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन से लेकर रविवार सुबह रवाना होंगी। टीम मध्यरात्रि बाद वड़ोदरा रेलवे स्टेशन पर उतरेंगे। 1999 में कारगिल युद्ध के बाद से ही अरबसागर में मत्स्याटन के दौरान पकड़े जाने वाले भारतीय मछुआरों की रिहाई प्रक्रिया में बड़ा बदलाव जलमार्ग के बदले थलमार्ग के रूप में किया गया था। बदलाव की इस प्रक्रिया में रिहा मछुआरों को गत दो दशक से कराची से वाघा बॉर्डर और वहां से अटारी बॉर्डर होते हुए अमृतसर से गुजरात लाया जा रहा है। गत माह पाकिस्तान सरकार ने 500 भारतीय मछुआरों को रिहा करने का फैसला किया था। इस फैसले के तहत 12 मई को 198 और 2 जून को 200 मछुआरों को पाकिस्तान ने रिहा किया है। रिहाई की तीसरी प्रक्रिया 7 जुलाई को होगी, जिसमें 102 मछुआरे पाकिस्तान से छोड़े जाने की उम्मीद है। रिहा मछुआरों को पंजाब स्थित अटारी बॉर्डर से गुजरात स्थित वेरावळ तक सकुशल पहुंचाने में गुजरात भवन की भूमिका अहम रहती है।

- विभागीय सामंजस्य में निभाता है मुख्य भूमिका :

पाकिस्तान सरकार का भारतीय मछुआरों की रिहाई का संदेश सूची समेत विदेश मंत्रालय के पास पहुंचता है। इसके बाद से ही दिल्ली स्थित गुजरात भवन सक्रिय हो जाता है। सबसे पहले गुजरात मत्स्य विभाग को रिहा होकर लौट रहे मछुआरों की जानकारी दी जाती है, जिसे वह अपहृत मछुआरों की सूची से जोड़ता है। गुजरात भवन इसके बाद पंजाब सरकार के पुलिस विभाग, मत्स्य विभाग व बॉर्डर पर तैनात सीमा सुरक्षा बल से सम्पर्क कर व्यवस्था को अंजाम देता है।

- रेलवे ने दिए दो अतिरिक्त कोच

हर बार की तरह इस बार भी रेलवे विभाग ने पाकिस्तान से रिहा मछुआरों को अमृतसर से गुजरात में वड़ोदरा तक भेजने के लिए अमृतसर-कुच्चुवेली एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन में दो अतिरिक्त कोच जोड़ने की तैयारी की है। यह ट्रेनें रविवार सुबह साढ़े छह बजे अमृतसर से रवाना होगी और मध्यरात्रि बाद करीब डेढ़ बजे वबोदरा पहुंचेंगी। यहां से गुजरात मत्स्य विभाग की टीम बस में सभी मछुआरों को लेकर वेरावळ जाएगी। वहां सोमवार को सरकारी औपचारिकता के बाद रिहा हुए सभी मछुआरे घर लौटेंगे।

-सभी का मिलता है सहयोग :

मछुआरों को भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से गुजरात तक लाने में कई विभागों का सहयोग मिलता है। इसमें गुजरात भवन, रेलवे विभाग, पंजाब पुलिस, पंजाब मत्स्य विभाग, सीमा सुरक्षा बल आदि कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहते हैं।

परवेज परमार, मत्स्य अधीक्षक, गुजरात मत्स्य विभाग