28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सूरत

SURAT VIDEO NEWS : सूरत की दुकानों पर भी बिक रहा था नशीला आर्युवैदिक सिरप

- खेड़ा में पांच लोगों की मौत के बाद सूरत में भी पुलिस जागी - आठ ठिकानों पर कार्रवाई कर संदिग्ध सिरप की 2155 बोतलें जब्त की

Google source verification

सूरत. नशीला आर्युवैदिक सिरप सूरत में भी पान व किराने की दुकानों पर बेचा जा रहा था। खेड़ा जिले में पांच लोगों की मौत के बाद सूरत में भी पुलिस हरकत में आई। आठ ठिकानों पर कार्रवाई कर संदिग्ध आर्युवैदिक सिरप की 2 हजार 155 बोतलें जब्त की हैं। जिनकी कीमत 2.82 लाख रुपए बताई गई है।

मामले की जांच कर रहे स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप पुलिस के थाना प्रभारी ए.पी.चौधरी ने बताया कि मुखबिरों से पता चला था कि सूरत में भी संदिग्ध आर्युवैदिक सिरप की बिक्री हो रही है। एसओजी व प्रीवेंशन ऑफ क्राइम ब्रांच (पीसीबी) की अलग-अलग टीमें बना कर गुप्त रूप से गोडादरा, वराछा, कापोद्रा, पुणागाम व अमरोली क्षेत्र की विभिन्न दुकानों पर पड़ताल की गई।

मेडिकल स्टोर के अलावा पान व किराने दुकानों समेत कुल आठ ठिकानों से संदिग्ध आर्युवैदिक सिरप जब्त की। विक्रेताओं से पूछताछ में पता चला कि सिरप की आपूर्ति अहमदाबाद जिले के सांणद में स्थित वेदार्थ इंटरप्राइज द्वारा की जा रही थी।

फौरेन्सिक जांच के लिए भेजे सैम्पल

पुलिस सूत्रों की माने तो सूरत में बरामद हुई आर्युवैदिक सिरप की बोतलें अलग ब्रांड की है। खेड़ा में जिस ब्रांंड की सिरप पीने से लोगों की मौत हुई है। ये उस ब्रांड की नहीं है। सिरप की इन बोतलों पर 11 फीसदी एल्कोहल लिखा हुआ है यदि इनमें 12 फीसदी या उससे अधिक एल्कोहल या अन्य मिथेनाल समेत अन्य कोई प्रतिबंधित पदार्थ पाया जाता है तो मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आर्युवैदिक बीयर नाम से हो रही थी बिक्री

जानकार सूत्रों की माने तो इस सिरप का नशे के विकल्प के रूप में इस्तेमाल हो रहा था। दुकानदार इसे थोक विक्रेताओं से सौ रुपए में लेते थे और ग्राहकों को 130 रुपए में बेचते थे। दुकानदारों व ग्राहकों के बीच यह सिरप आर्युवैदिक बीयर रूप में जाना जाता हैं।