
Surat/ जख्मी जूतों का अस्पताल: किडनी फेल जूतों और चप्पल के हार्ट अटैक का होता है उपचार
सूरत. जूतों की अस्पता यह सुनकर अजीब लगेगा, लेकिन शहर के पीपलोद क्षेत्र में जूते-चप्पल रिपेयर करने वाले एक मोची ने अपने व्यवसाय के ठिकाने को 'जख्मी जूतों की अस्पताल' नाम दे रखा है। मोची रामदास 22 वर्षों से खुद को जूतों का डॉक्टर कहते हैं। आसपास के लोग भी इन्हें इसी नाम से जानते हैं। खासियत इनकी यह है कि वे महंगी ब्रैंड के जूते रिपेयर करते हैं और उन्होंने इसके लिए काम पर आदमी भी रख रखे हैं। जब लोग उनके पास आते हैं तो वे ग्राहकों को जूते की किडऩी फेल हो गई, हार्ट फेल होने की समस्या बता कर समाधान करते हैं।
उनका यह अस्पताल सिर्फ सूरत ही नहीं, राज्य के अन्य शहरों में भी विख्यात है और वहां से भी लोग महंगी ब्रैंड के जूते रिपेयर करने के लिए उनके पास आते हैं। कई बार महंगे जूते, स्पोर्ट्स शूज और चप्पल खरीदने के बाद तुरंत टूट जाए और उनकी गारंटी या वारंटी नहीं होने से हजारों रुपए के जूतों को कूड़े में फेंकना पड़ता है। ऐसे में खुद को जूतों का डॉक्टर कहने वाले मोची रामदास ऐसी महंगी ब्रैंड के जूतों का उपचार कर उन्हें नवजीवन देते हैं। वे बताते हैं कि -मैं 22 सालों से जख्मी जूतों का अस्पताल चला रहा हूं। मेरे पास हजारों ही नहीं, बल्कि लाखों रुपयों के जूते रिपयेर करने के लिए आते हैं। रामदास के पुत्र गणेश ने बताया कि जब भी लोग आते है तो वह यही कहते है कि उनके जूते की किडऩी खराब हो गई है, चप्पल का हार्ट फेल हो गया है और हम खूशी-खूशी ऐसे रिपेयर कर देते हैं। हमारे पास 15 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक की कीमत के जूते और चप्पल के रिपेयर के लिए आते हैं। पिता-पुत्र पर लोगों का इतना भरोसा है कि महंगे जूतों के लिए वह उन्हीं के पास आते हैं ।
Published on:
10 Dec 2021 06:56 pm
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