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तक्षशिला अग्निकांड : प्लान पास हुआ था रिहायशी रॉ हाउस का, बना दिया व्यावसायिक तक्षशिला आर्केड

-बिल्डर समेत चार के खिलाफ थाने में दी गई शिकायत में सामने आया मामला

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तक्षशिला अग्निकांड : प्लान पास हुआ था रिहायशी रॉ हाउस का, बना दिया व्यावसायिक तक्षशिला आर्केड

सूरत. जिस व्यावसायिक तक्षशिला आर्केड में लगी आग ने २२ मासूमों की जिंदगी लील ली, उसकी जगह रिहायशी रॉ हाउस के निर्माण का प्लान पास हुआ था। यह खुलासा वराछा जोन के कार्यपालक इंजीनियर देवेश गोहिल की ओर से सरथाणा थाने में बिल्डर तथा तीसरी मंजिल के मालिक हसमुख वेकरिया, दिनेश वेकरिया, रविन्द्र कहार और सवजी पाघडाल के खिलाफ दी गई लिखित शिकायत में सामने आई है। इस शिकायत में वराछा जोन ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए हादसे के लिए इन चारों को जिम्मेदार बताया। सरथाणा ब्लॉक नम्बर १४८ की सर्वे नम्बर १८० की जमीन के मूल मालिक मनु सिरोया, पुरुषोत्तम पाघडार की पावर ऑफ अटर्नी पर घनश्याम पटेल ने २००१ में सूडा से रेजिडेंसियल रॉ हाउस ले आउट के निर्माण की अनुमति ली थी। उसके बाद २००६ में यह क्षेत्र सूरत महानगर पालिका में शामिल हुआ। २८ मार्च, २०११ को इम्पैक्ट फीस लेकर अवैध निर्माण को वैध करने का अध्यादेश आया। अगस्त २०१२ में तक्षशिला आर्केड के लिए प्रार्थना पत्र मिला। ८ जुलाई, २०१३ को इम्पैक्ट फीस (प्रीमियम) की भरपाई के बाद १४ जुलाई, २०१५ को इमारत के ग्राउंड प्लस थ्री को रेग्यूलाइजेशन जारी किया गया। उसके बाद बिल्डर और कब्जेदारों ने तीसरी मंजिल के डोम में एंगल लगा कर अवैध रूप से चौथी मंजिल का निर्माण किया। गुडा के लायबिलिटी नियमों के मुताबिक इस तरह से किए गए अवैध निर्माण के लिए मालिक, बिल्डर और कब्जेदार ही जिम्मेदार हैं। उन्होंने अवैध निर्माण में फायर सेफ्टी के लिए किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं की, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ।

वर्जन
तक्षशिला आर्केड हादसे को लेकर कई लिखित शिकायतें मिली हैं। वराछा जोन की ओर से भी मिली थी। उसे भी जांच में शामिल किया गया है। क्राइम ब्रांच मामले की जांच कर रही है।
एम.एम.पुंवार, पुलिस निरीक्षक, सरथाणा