
Textile market area will be rejuvenated
सूरत।मनपा प्रशासन ने बजट में इस बार टैक्सटाइल मार्केट एरिया पर फोकस किया है। इस पूरे क्षेत्र के कायाकल्प की तैयारी है। टैक्सटाइल मार्केट क्षेत्र यातायात के दबाव से जूझ रहा है। दूसरे शहरों से रोजाना हजारों लोग कारोबार के लिए सूरत आते हैं। उनका फोकस कपड़ा बाजार ही रहता है। इसके अलावा माल वाहनों और श्रमिकों की मौजूदगी रिंगरोड के ट्रैफिक को बुरी तरह बाधित करती है।
व्यापारिक संस्थाएं, मनपा और पुलिस प्रशासन इस मामले को लेकर कई बार योजना बना चुके, लेकिन कोई तरकीब कारगर होती नहीं दिखी। सूरत के स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में जुडऩे के बाद मनपा ने टैक्सटाइल मार्केट एरिया के कायाकल्प का निर्णय किया। इस काम को मनपा ने बजट में भी शामिल किया है।
यह होगा काम
रिंगरोड पर ट्रैफिक के लोड को कम करने के लिए मनपा ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत स्काई वॉक के काम को हाथ में लिया है। इसके पूरा होने से ट्रैफिक और सडक़ पर भीड़ का दबाव कम होगा। विजुअल इम्प्रूवमेंट के तहत सडक़ों को स्मार्ट करने की तैयारी है। खाडिय़ों का रिडवलपमेंट भी किया जाएगा, जिससे लोगों के लिए आना-जाना सुगम होगा और ट्रैफिक के दबाव से कुछ हद तक निजात मिलेगी। इस प्रोजेक्ट की सबसे अहम बात यह है कि ऑन स्ट्रीट और ऑफ स्ट्रीट पार्किंग के लिए कवायद की जाएगी।
प्लेस मेकिंग से दूर होंगे रोड कॉर्नस के न्यूसेंस
बजट में सडक़ों पर भी फोकस किया गया है। सडक़ों की मजबूती के साथ इनकी खूबसूरती के लिए दो नई तकनीक का इस्तेमाल होगा। विदेशों की तरह रोड कॉर्नस का इस्तेमाल प्लेस मेकिंग की तरह होगा, जो ब्यूटिफिकेशन के साथ रोड क्रॉसिंग की सुविधा और आमोद-प्रमोद के स्थल के रूप में विकसित होंगे। शहर में अभी इन जगहों पर न्यूसेंस के सर्वाधिक शिकायतें मिलती हैं। लारी-गल्लों के कब्जे के अलावा यह न्यूसेंस का अड्डा बने रहते हैं।
बजट में सडक़ों के निर्माण और ब्यूटिफिकेशन पर 339 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे 46 सडक़ों का निर्माण होगा, जो करीब 59.43 किलोमीटर लम्बी होंगी। करीब 3.61 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में सडक़ें बनेंगी। 25 विभिन्न रोड कॉर्नस को प्लेस मेकिंग के रूप में विकसित किया जाएगा। रोड कॉर्नस का इस तरह सौंदर्यीकरण किया जाएगा, जिससे उस स्थल का बहुउद्देश्यीय उपयोग हो सके।
इन जगहों को अतिक्रमण और न्यूसेंस मुक्त करना मुख्य उद्देश्य है। मनपा मुख्य रोड जंक्शन की स्टोन मैट्रिक्स एस्फाल्ट के जरिए प्रायोगिक स्तर पर रिसरफेसिंग करेगी। नैनो साइलेंस टेक्नोलॉजी से 10 किलोमीटर लंबी पानी रोधक सडक़ बनाई जाएगी।
Published on:
31 Jan 2018 10:21 pm
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