
Textile merchants again caught parcel thieves, police handed over
सूरत।पुलिस की मुस्तैदी के बावजूद कपड़ा बाजार में चोरी, छीना-झपटी की वारदातें थम नहीं रही हैं। मंगलवार को भी कपड़ा बाजार के अभिषेक मार्केट में दिन दहाड़े पार्सल चोरी का प्रयास करते तीन जनों में से एक को व्यापारियों के धर-दबोचने की जानकारी मिली है।
कपड़ा बाजार में पिछले कुछ दिनों से चोरी-चकारी, छीना-झपटी की वारदातें बढ़ी हैं। न्यू टैक्सटाइल मार्केट, मिलेनियम मार्केट, कोहिनूर मार्केट में चोरी की घटनाएं सामने आने के बाद मंगलवार को ऐसी ही वारदात अभिषेक टैक्सटाइल मार्केट में कपड़ा व्यापारी की सतर्कता से टल गई। घटना के मुताबिक दोपहर तीन बजे बाद मार्केट के बेसमेंट की एक दुकान के बाहर तैयार माल के पार्सल रखे थे, जिन्हें पार्सल ठेकेदार के पलदार (हमाल) ढोकर ट्रांसपोर्ट गोदाम ले जाने वाले थे।
तीन युवक दुकान के बाहर पहुंचे और शोर-शराबा करते हुए तैयार माल का पार्सल उठाकर पैसेज से बाहर ले जाने लगे। कपड़ा व्यापारी को पलदार पर संदेह हुआ और वह तेजी से दुकान से बाहर आया और उन्हें रुकने को कहा। तीन में से दो जने तो भाग खड़े हुए, एक युवक को व्यापारी ने दौडक़र पकड़ लिया। पूछताछ में वह पलदार के बजाय चोर निकला। पार्सल ठेकेदार भी वहां पहुंच गया। बाद में कपड़ा व्यापारियों ने सलाबतपुरा पुलिस को सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया। पुलिस चोरी के प्रयास में पकड़े गए युवक को ले गई।
इससे पहले गुरुवार को कोहिनूर मार्केट में पार्सल चोरी करते सीसीटीवी कैमरे में कैद आरोपी को मार्केट के व्यापारियों ने पकडक़र उसके साथ मारपीट की और बाद में कपड़े उतारकर उसे मार्केट में घुमाया था। इसको लेकर पुलिस ने चार जनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
खाली था पैसेज
घटना के दौरान मौजूद कपड़ा व्यापारियों ने पत्रिका को बताया कि लग्नसरा सीजन की ग्राहकी सुस्त हो गई है। ज्यादातर कपड़ा व्यापारियों के पास पुराने ऑर्डर के माल को भिजवाने के अलावा नया काम नहीं है। हालांकि ड्रेस का कारोबार रमजान की ग्राहकी होने से फिलहाल कपड़ा बाजार में जमा हुआ है। ग्राहकी के अभाव में मंगलवार दोपहर अभिषेक टैक्सटाइल मार्केट के बेसमेंट का पैसेज खाली-खाली-सा था। इसमें व्यापारियों के तैयार माल के पार्सल पड़े थे। इन्हीं में से एक पार्सल चुराने का प्रयास करते तीन जनों पर व्यापारी को संदेह हुआ और उसने एक को पकड़ लिया। पैसेज में व्यापारियों और व्यापारिक कामकाज की गहमागहमी होती तो पार्सल चोर पर संदेह हो पाना मुश्किल था।
Published on:
17 May 2018 11:07 pm
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