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कॉर्पोरेट को राहत, कपड़ा व्यापारी निराश

250 करोड़ रुपए से कम टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए टैक्स 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया

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सूरत


कॉर्पोरेट को राहत
बजट में कॉर्पोरेट सेक्टर की 250 करोड़ रुपए से कम टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए टैक्स 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे राहत मिलेगी। सरकार को आम लोगों के लिए भी टैक्स की सीमा ढाई लाख रुपए से बढ़ानी चाहिए थी।
रमाकांत गुप्ता, सीए
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वेतन भोगियों के लिए राहत वाला बजट
बजट को वेतन भोगियों के लिए अच्छा कह सकते हैं। वेतन भोगियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन में छूट देकर राहत दी गई है। करदाताओं और आम आदमी के लिए अच्छा बजट है।
अजयदास मेहरोत्रा, चीफ कमिश्नर, आयकर, सूरत

किसानों के लिए अच्छा
बजट में व्यापारी वर्ग के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। हीरा उद्योग ने जो मांगें की थीं, पूरी नहीं हुईं। ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों के लिए बजट सराहनीय है। बजट में किसानों के लिए कई योजनाएं हैं और छूट देने की कोशिश भी की गई है।
महेन्द्र नावडिय़ा, हीरा उद्यमी

कपड़ा व्यापारी निराश
बजट से कपड़ा व्यापारी निराशा हंै। जीएसटी से परेशान व्यापारियों को बजट से बहुत उम्मीद थी। वह ई-वे बिल हटाने की मांग कर रहे थे, लेकिन यह मांग नहीं पूरी हुई। मेरे ख्याल से इस बजट से कपड़ा व्यापारियों को कुछ नहीं मिला।
अरुण पाटोदिया, व्यापारी

सामान्य बजट
बजट से आम आदमी और व्यापारियों को बड़ी उम्मीद थी। दोनों की उम्मीद पूरी नहीं हुई। आम आदमी को उम्मीद थी कि सरकार टैक्स स्लेब बढ़ाएगी, वह पूरी नहीं हुई। व्यापारियों को जीएसटी में सरलता की उम्मीद थी। यह भी पूरी नहीं हुई।
कमलेश कोठारी, व्यापारी

कुछ उम्मीदें पूरी
कपड़ा व्यापारियों को बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, उनमें से कुछ उम्मीदें ही पूरी हो पाई हैं। 250 करोड़ रुपए से कम टर्नओवर वाले कॉर्पोरेट सेक्टर में 30 के स्थान पर 25 प्रतिशत टैक्स अच्छा फैसला है, लेकिन सेश बढ़ाकर चार प्रतिशत कर दिया गया है।
संजय सरावगी, कपड़ा उद्यमी

निराशाजनक बजट
नोटबंदी और जीएसटी के बाद व्यापारियों की हालत पतली है। उन्हें बजट में ई-वे बिल में छूट और टैक्स स्लैब में परिवर्तन की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। व्यापारियों के लिए निराशाजनक बजट है।
सुभाष अग्रवाल, व्यापारी

गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सराहनीय
बजट में उद्यमियों को ज्यादा छूट नहीं दी गई है। सीनियर सिटीजन को पचास हजार रुपए तक की आय पर टैक्स से छूट दी गई है। यह अच्छी बात है। कस्टम ड्यूटी बढ़ाने से स्थानीय उद्यमियों को बढ़ावा मिलेगा। गरीब और मध्यम वर्ग के लिए सराहनीय बजट है।
प्रमोद भगत, प्रेसिडेन्ट, कैट (गुजरात चैप्टर)