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वर्चस्व की रंजिश में हुआ था हमला

पांडेसरा में हुई फायङ्क्षरग का मामला

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वर्चस्व की रंजिश में हुआ था हमला

सूरत. पांडेसरा क्षेत्र में मंगलवार रात एक युवक पर हुई तीन राउण्ड फायङ्क्षरग को लेकर पुलिस को इसके पीछे वर्चस्व दो गुटों में वर्चस्व को लेकर आपसी रंजिश होने की आशंका है। पुलिस ने इसी दिशा में जांच आगे बढ़ाते हुए शातिर प्रवीण राउत व उसके दो साथियों की खोज तेज कर दी है।
मामले की जांच कर रहे थानाप्रभारी के.बी.झाला ने बताया कि पांडेसरा वृंदावन सोसायटी निवासी पीडि़त वसंत पुत्र नंदी दलाई (29) मंगलवार रात सवा सात बजे सोसायटी के गणेश मंडप के निकट खड़ा था। उसी समय प्रवीण राउत और उसके दो साथी वहां पर आए। उन्होंने बिना कुछ बोले वसंत पर तीन राउन्ड फायर किए और फरार हो गए। हमले में प्रवीण गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। प्राथमिक पूछताछ में पान की दुकान चलाने वाले वसंत ने पुलिस को बताया कि छह सात माह पूर्व प्रवीण ने एक मोन्टू नामक उसके मित्र के जरिए उससे रुपए मांगे थे।

उसने रुपए देने से मना कर दिया था। हालांकि पुलिस को रुपए के लेनदेन की बात गले नहीं उतर रही है। पुलिस को इसके पीछे वर्चस्व को लेकर आपसी रंजिश होने का आशंका है। क्योंकि वसंत भी पूर्व में शराब के अवैध कारोबार में लिप्त रहा था तथा प्रवीण के विरोधी गुटों से उसकी निकटता रही है। इस वजह से वर्चस्व की लड़ाई में उस पर हमला हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि शातिर प्रवीण राउत के खिलाफ दर्जनों मामले दर्ज हो चुके हैं। उसके खिलाफ कारोबारी युवराज पाटिल से फिरौती मांगने का मामला भी दर्ज हुआ था। जिसमें उसे क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था।


धार्मिक आयोजनों में वर्चस्व की लड़ाई


सूत्रों की माने तो शहर में ओडिशा मूल के कई आपराधिक पृष्ठभूमि वाले गुट सक्रिय हैं। जो गणपति, दुर्गापूजा समेत विभिन्न त्योहारों का बड़े पैमाने पर आयोजन करते हैं। इसके लिए चंदे के नाम पर लोगों को डरा धमका कर जबरन वसूली भी करते हैं। इन गुटों के बीच लंबे समय से आपसी रंजिश चली आ रही है।

पूर्व में नवरात्र व गणेशोत्सव के दौरान हिंसक गैंगवार भी हुए हैं। ऐसे ही एक गैंगवार में शातिर पीताम्बर व उसके साथियों की हत्या हुई थी। उसके बाद हुए गैंगवार में और भी हत्याएं व जानलेवा हमले हुए थे।