
The big mess caught in the printing of the papers, the investigation started
सूरत।वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्रों की छपाई में बड़ा गड़बड़झाला पकड़ा गया है। प्रश्नपत्रों की छपाई के करोड़ों रुपए के बिल और कई विषयों में विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले तीन-चार गुना अधिक प्रश्नपत्र छपने से विश्वविद्यालय प्रशासन को शंका हुई। कई विषयों में विद्यार्थी नहीं होने पर भी प्रश्नपत्र छपवा दिए गए। सारे मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई है।
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय की परीक्षाओं के साथ कई विवाद जुड़े रहे हैं। प्रश्नपत्रों में गड़बड़ी, विद्यार्थियों को दूसरा प्रश्नपत्र दे देना, उत्तर पुस्तिका की जांच में गड़बड़ी, अंकतालिका में गड़बड़ी, परिणाम में गड़बड़ी के कई मामले सामने आ चुके हैं। परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर कई बार छात्रों और उनके संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री तक शिकायत की। अब विश्वविद्यालय की परीक्षाओं से जुड़ा नया गड़बड़झाला सामने आया है।
पिछले साल की परीक्षाओं के बाद जब प्रश्नपत्रों की छपाई का बिल विश्वविद्यालय प्रशासन को थमाया गया तो इस गड़बड़झाले का पता चला। विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र छापने का काम प्राइवेट एजेंसी को सौंप रखा है। इस एजेंसी से विश्वविद्यालय प्रशासन को दो करोड़ रुपए से अधिक का बिल मिला तो समिति बनाकर मामले की जांच के आदेश दिए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन को शंका इसलिए हुई कि विद्यार्थियों की संख्या से तीन से चार गुना अधिक प्रश्नपत्र छापे गए। एक विभाग में 50 विद्यार्थियों के मुकाबले 70 या 80 की जगह 200 से 300 प्रश्नपत्र छापे गए हैं। ऐसा ज्यादातर विभागों और विषयों में हुआ है।
विद्यार्थी नहीं होने पर भी छप गए प्रश्नपत्र
कई विषय ऐसे हैं, जिनमें विद्यार्थी ही नहीं हैं। ऐसे विषयों के भी 100 से अधिक प्रश्नपत्र छपवाने का पता चला है। यह लापरवाही है या किसी घोटाले के तहत यह सब हुआ, इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।
चल रही है जांच
प्रश्नपत्रों की छपाई के मामले में गड़बड़ी की शंका होने पर जांच समिति बनाई गई है। जांच चल रही है। फिलहाल समिति की एक बैठक हुई है। डॉ. अपूर्व देसाई, सिंडीकेट सदस्य, जांच समिति अध्यक्ष, वीएनएसजीयू
Published on:
01 Oct 2018 08:50 pm
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