
बारडोली. तेंदुए के खौफ से पिंजरा लगवाने वाले लोगों ने जब वायरल वीडियो में यह नजारा देखा होता तो मन उनका भी पसीजा होगा। शिकार के लालच में लगाए गए पिंजरे में नर तेंदुआ तो कैद हो गया, बाहर रह गई मादा पूरी रात पिंजरे के आसपास बेचैन घूमती रही। भोर होने पर उजाला होते ही लोगों की आवाजाही देख मादा तेंदुआ चली गई।
यह किस्सा बना तापी जिले की वालोड तहसील के खांभला गांव में। पिछले कई दिनों से खांभला गांव तेंदुओं के लिए जैसे अभयारण्य बन गया है। इस क्षेत्र में आए दिन तेंदुए दिखते हैं और फिर शुरू होता है उन्हें पकडऩे का सिलसिला। तेंदुओं को पकडऩे, उन्हें जंगल में छोडऩे और कुछ दिनों बाद फिर पिंजरा लगाकर उन्हें पकडऩे का उपक्रम रोज का काम हो गया है। कुछ दिन पहले ही एक तेंदुए को पकड़कर जंगल छोड़ा गया था कि सप्ताहभर पहले गांव में फिर तेंदुए दिखने लगे।
बीते सप्ताह रात को खेत में पानी देने के लिए गए किसान और मजदूर को तेंदुआ आने के कारण काम छोड़कर भागना पड़ा था। इसकी जानकारी लोगों को मिली तो गांव के ही हरसिंग रूमसिंग चौधरी ने बारडोली की फ्रेंड्स ऑफ एनिमल वेलफेयर टीम को बताया। फ्रेंड्स ऑफ एनिमल वेलफेयर के प्रमुख जतिन राठौड़ और उनके साथी इमरान ने वालोड वन विभाग के साथ पिंजरा लगाकर तेंदुआ पकडऩे के प्रयास शुरू किए।
पहले चकमा दे गया था तेंदुआ
तेंदुए को पकडऩे के लिए वन विभाग ने बताए गए स्थान पर पिंजरा लगाया था। तेंदुआ पिंजरे में आया था लेकिन शिकार के लिए पिंजरे में रखी मुर्गी को लेकर निकल गया। बाद में चार दिन तक पिंजरे में फिर शिकार रख इसी जगह तेंदुए का इंतजार किया, लेकिन वह दोबारा झांसे में नहीं आया। उसके बाद पिंजरे की जगह बदलकर मंगलवार को फिर शिकार रख शिकार का इंतजार किया। इस बार तेंदुआ झांसे में आ गया और शिकार करने के लोभ में पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग ने तेंदुए को जंगल में छोडऩे की कवायद शुरू कर दी।
कैमरे में दर्ज हुआ वाकया
फ्रेंड्स ऑफ एनिमल वेलफेयर ने पिंजरे के साथ ही नाइट विजन कैमरा भी लगाया था। मंगलवार रात का वाकया कैमरे में दर्ज हो गया। बुधवार सुबह जिन लोगों ने इसका वीडियो देखा, हैरान रह गए कि नर तेंदुए की साथी मादा तेंदुआ रातभर उसके आसपास ही घूमती रही। उसकी बेचैनी बता रही थी कि उसके बस में होता तो नर तेंदुए को पिंजरे से निकाल ले जाती। भोर में उजाला होते ही लोगों की आवाजाही बढ़ती उससे पहले मादा तेंदुआ वहां से चली गई। फ्रेंड्स ऑफ एनिमल वेलफेयर के प्रमुख जतिन राठौड़ ने बताया कि यह तेंदुओं की मेटिंग का पीरियड है और जब नर तेंदुआ पिंजरे में फंसा दोनों साथ ही होंगे।

Published on:
04 Apr 2018 10:55 pm
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