18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ऑस्ट्रेलिया में जमा ‘मेरे तो गिरधर गोपाल’ का रंग

सूरत की बेटी आरती का 14 साल पहले देखा गया ख्वाब रविवार को साकार हो गया, जब उसने तीन सौ सदस्यीय दल के साथ श्रीकृष्ण की प्रेम दीवानी मीरा की कथा की ऑस्ट्रेलिया में रंगारंग प्रस्तुति दी। दो घंटे से ज्यादा चले ड्रामा ‘मीरा’ के दौरान गोल्डकोस्ट के प्रसिद्ध होम ऑफ द आट्र्स ऑडिटोरियम में एक हजार से ज्यादा दर्शक मीरा की लगन में मगन हो गए। इनमें अस्सी फीसदी विदेशी दर्शक थे, ड्रामा पूरा होने के बाद जिनकी आंखें खुशी से भीगी हुई थीं।

3 min read
Google source verification
The color of 'Mere Gurdar Gopal' in Australia

The color of 'Mere Gurdar Gopal' in Australia

सूरत।सूरत की बेटी आरती का 14 साल पहले देखा गया ख्वाब रविवार को साकार हो गया, जब उसने तीन सौ सदस्यीय दल के साथ श्रीकृष्ण की प्रेम दीवानी मीरा की कथा की ऑस्ट्रेलिया में रंगारंग प्रस्तुति दी। दो घंटे से ज्यादा चले ड्रामा ‘मीरा’ के दौरान गोल्डकोस्ट के प्रसिद्ध होम ऑफ द आट्र्स ऑडिटोरियम में एक हजार से ज्यादा दर्शक मीरा की लगन में मगन हो गए। इनमें अस्सी फीसदी विदेशी दर्शक थे, ड्रामा पूरा होने के बाद जिनकी आंखें खुशी से भीगी हुई थीं।

ड्रामा के मंचन के बाद आरती पवन बजाज ने पत्रिका को बताया कि मीरा के आराध्यदेव श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम की कथा से ऑस्ट्रेलिया को रू-ब-रू कराने का उसका सपना इस रविवार को पूरा हो गया। पति के सहयोग, माता-पिता के आशीर्वाद और ससुरालजनों के प्यार से मीरा के प्रेम से जन-जन को वाकिफ कराने में जो सफलता मिली, उससे दूसरे देशों तक ले जाने का सम्बल मिला है। यह सपना पूरा करने के लिए 18 महीने पहले वाइल्ड ड्रीमर्स प्रोडक्शन हाउस बनाया गया और दो घंटे का मीरा ड्रामा तैयार किया गया। इसमें तीन सौ कलाकार और सहयोगी सदस्य शामिल थे।

मीरा के प्रेम से सबको मोहित करने के लिए आरती ने नाटक को भारतीय संस्कृति तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि इसमें नृत्य, संगीत के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय संस्कृति के रंग भी भरे। गोल्डकोस्ट के होम ऑफ द आट्र्स ऑडिटोरियम में नाटक को रोचक बनाने के लिए टूडी-थ्रीडी प्रोजेक्शन मैपिंग से भी संवारा गया और दर्शकों को सिनेमा जैसा एहसास कराया गया। नाटक में इंडियन क्लासिकल के अलावा एरियल, जैस, पोल, पेपे, अफ्रीकन, बैले आदि ग्लोबल डांस, ऑपेरा म्यूजिक और सिंगिग को भी शामिल किया गया। सभी कलाकार 15वीं शती की वेशभूषा, संगीत, नृत्य आदि के रंग में रंगे नजर आए।

अब केलिफोर्निया में चढ़ेगा रंग

आरती के नेतृत्व में एक बार फिर विश्व के कला मंच पर भारतीयता से भरपूर, लेकिन आस्ट्रेलियन स्टाइल में क्लासिकल डांस की कला निखरेगी। वह बताती है कि वल्र्ड चैंपियनशिप पर्फोमिंग आट्र्स कंपीटिशन का 23वां अंतरराष्ट्रीय आयोजन अगले साल जुलाई में अमरीका के केलिफोर्निया के लोंग बीच पर होगा। आयोजकों की ओर से दुनिया के 50 देशों में इसका ऑडीशन हुआ। इसमें 75 हजार डांसर्स ने भाग लिया था। आरती यहां भी भाग्यशाली साबित हुई और ऑस्ट्रेलिया की तरफ से उसका चयन किया गया। केलिफोर्निया में वह ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्व करेगी।

दिनेश भारद्वाज


किन्नर के बॉडीगार्ड से पिस्तौल और ५४ लाख का माल जब्त

कुछ समय पहले पिंकी कुंवर नाम के किन्नर की हत्या के मामले में पकड़े गए किन्नर पायल कुंवर के बॉडीगार्ड से पुलिस ने एक पिस्तौल और नकदी समेत 54 लाख रुपए के जेवर जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस उप निरीक्षक सी.एच.पनारा ने बताया कि आरोपित ऋतुराजसिंह चौहाण (42) मध्यप्रदेश का मूल निवासी है तथा पिछले १८ साल से गोडादरा-डिंडोली रोड की राम राज्य सोसायटी में रहता है। तीन साल से आरडीएसएस सिक्युरिटी एजेंसी में काम कर रहा ऋतुराजसिंह 12 साल से किन्नर पायल कुंवर के संपर्क में था। वह पायल के बॉडीगार्ड के रूप में भी काम करता था।

पायल ने अपनी देशी पिस्तौल, २३ लाख ६५ हजार ५७० रुपए नकद और ३० लाख ६ हजार ७५० रुपए के जेवर उसे सुरक्षित रखने के लिए दिए थे। पायल कुंवर का एक अन्य किन्नर गुरु पिंकी कुंवर और उसके गुट के किन्नरों के साथ बधाइयों की वसूली को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद को लेकर पायल कुंवर और उसके साथियों ने १९ अप्रेल, २०१८ को खटोदरा थाना क्षेत्र के यूनिक अस्पताल के निकट पिंकी कुंवर की हत्या कर दी थी। खटोदरा पुलिस ने पायल कुंवर को गिरफ्तार कर लाजपोर जेल भेज दिया था।

पायल कुंवर की जमानत नहीं होने के कारण ऋतुराजसिंह लाल रंग के थैले में उसकी पिस्तौल, छह जिंदा कारतूस, नकदी और जेवर छिपा कर मंगलवार रात मध्यप्रदेश के अपने गांव जा रहा था। उसके बारे में मुखबिर से सूचना मिलने पर गोडादरा मंगल पांडे हॉल के निकट संदिग्ध हालत में उसे पकड़ कर तलाशी ली गई तो उसके बैग से सामान बरामद हुआ। कड़ी पूछताछ में उसने बरामद सामान पायल कुंवर का होने का खुलासा किया। इस संबंध में पायल कुंवर और ऋतुराजसिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पायल कुंवर को लाजपोर जेल से हिरासत में लेने की कवायद शुरू कर दी गई है।