
SURAT DHAM : भागवत कथा की महिमा है अपरम्पार ...
सूरत. गो सेवार्थ अध्यात्म चेतना चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा समर्पण गौशाला वृंदावन के सेवार्थ आयोजित श्रीमद्भागत कथा के प्रथम दिन शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे श्री श्याम मंदिर से कथा स्थल सिटीलाइट स्थित महाराज अग्रसेन भवन तक कलश शोभा यात्रा निकाली गई। यात्रा में एक बग्घी में सवार कथावाचक संजीव कृष्ण ठाकुर एवं दूसरी बग्घी में सवार राधे कृष्ण की जीवंत झांकी शोभायमान हो रही थी। इसके अलावा लाल केसरिया व में सजीधजी महिलाएं कलश लिए और पुरुष वर्ग सफेद वेष में बैंड बाजों की धुन के साथ जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। यजमान प्रकाश तोदी परिवार के सदस्य सिर पर श्रीमद्भागवत ग्रंथ लिए चल रहे थे। बाद में कथा स्थल पर कलश स्थापित किए गए। ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण तोला ने बताया कि दोपहर तीन बजे पंचवटी हॉल पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ व्यासपीठ का यजमानों ने पूजन किया। बाद में कथावाचक संजीव कृष्ण ठाकुर ने भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए बताया कि १८ पुराण में भागवत को श्रेष्ठ पुराण बताया गया है। उन्होने कहा कि भागवत के एक अक्षर में भी एक-एक वेद का सार है। भागवत की महिमा अपरम्पार है। शुकदेवजी ने तो यहां तक कहा है कि समस्त वेदों की उपासना, तप, जप एवं अनुष्ठान ज्ञान यज्ञ के सोलहवें हिस्से की भी बराबरी नहीं कर सकते हैं। कथा के बीच ‘मेरो प्यारो नंदलाल...’ आदि कई भजन भी गाए गए। भजनों पर श्रद्धालु ने नृत्य भी किया। कथा में गौ माता, गंगा मैया, राम जन्मभूमि एवं भारत माता के जयकारों से हॉल गूंज उठा। शुरुआत में दैनिक यजमान समाजसेवी गोविंद सरावगी ने व्यासपीठ से आशीर्वाद लिया। शनिवार को कथा में भक्त प्रहलाद चरित्र का वर्णन होगा।
गाय को बचाना यानि संपूर्ण मानवजाति को बचाना
शुरुआत में समर्पण गौ शाला के प्रतिनिधी राजीव शर्मा ने कहा कि गाय को बचाना यानि संपूर्ण मानव जाति को बचाना है। सूरत धर्मनगरी है, यहां भारत के हर प्रदेश व शहर के लोग बसते हैं। सूरत में लघु भारत के दर्शन होते हैं।
Published on:
14 Dec 2019 11:47 am
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