
इनपुट टैक्स क्रेडिट पर अब हाइकोर्ट जाने का विचार
सूरत
केन्द्र सरकार से डेढ़ साल से इनपुट टैक्स क्रेडिट की मांग कर रहे वीवर इस मुद्दे पर हाइकोर्ट का सहारा लेने पर विचार कर रहे हैं। फैडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स एसोसिएशन (फोगवा) के सदस्यों की मीटिंग में इस पर फैसला होगा।
जीएसटी लागू हुए डेढ़ साल बीत चुके हैं। कपड़ा उद्योग में इनवर्टेड टैक्स स्ट्रक्चर के कारण उद्यमी परेशान हैं। यार्न पर 12 प्रतिशत और कपड़े पर पांच प्रतिशत टैक्स होने के कारण वीवर्स का टैक्स क्रेडिट हो जाता है, जो वह इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। फैडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स एसोसिएशन का कहना है कि सूरत समेत दक्षिण गुजरात के वीवर्स का लगभग 625 करोड़ रुपए का टैक्स क्रेडिट सरकार इस्तेमाल नहीं करने दे रही है और रिफंड भी नहीं कर रही है। इस सिलसिले में फोगवा समेत देशभर के कपड़ा संगठन सांसदों से लेकर वित्तमंत्री तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। सरकार के इस रवैए से नाराज वीवर्स अब आइटीसी के मुद्दे पर हाइकोर्ट का सहारा लेने पर विचार कर रहे हैं। फोगवा के कई सदस्य गुरुवार को वकील की सलाह लेने अहमदाबाद गए थे। फोगवा के मयूर गोलवाला और आशीष गुजराती ने बताया कि हम काफी समय से इनपुट टैक्स क्रेडिट की मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। हम इसके खिलाफ कोर्ट में जाने की सोच रहे हैं। आगामी दिनों में फोगवा के सदस्यों की मीटिंग में इस पर फैसला किया जाएगा।
जीएसटी विभाग ने ई-वे बिल बिना के 9 ट्रक पकड़े, वसूले 9 लाख रुपए
जीएसटी विभाग की प्रिवेन्टिव टीम ने दिवाली के बाद भी करचोरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हाइवे पर से बिना इ-वे बिल के टाइल्स ले जा रहे 9 ट्रक पकड़़े। इनसे 9 लाख रुपए की टैक्स वसूलात की।
जीएसटी विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सेन्ट्रल जीएसटी की प्रिवेन्टिव पिछले दिनों टीम हाइ-वे पर गश्त लगा रही थी उस दौरान सूरत-मुंबई हाइवे पर से गुजरने वाली कुछ ट्रकों को रोककर इ-वे बिल की जांच की, जिसमें कि 9 ट्रक चालकों के पास इ-वे बिल नहीं मिला और उनके पास कोई हिसाब-किताब भी नहीं मिला। अधिकारियों ने ट्रक जब्त कर लिया। इनसे लगभग 9 लाख रुपए की टैक्सचोरी वसूली। उल्लेखनीय है कि स्टेट जीएसटी विभाग ने भी पिछले दिनों हाइवे पर से टाइल्स भरे कई ट्रक पकड़े थे।
Published on:
23 Nov 2018 08:21 pm
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