23 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देशभर में सबसे ऊंचा प्रशासनिक भवन सूरत में होगा

स्टैंडिंग में मिली मंजूरी, गार्डन को पीपीपी मोड पर देने और नए रास्तों समेत दूसरे कामों को भी हरी झंडी

2 min read
Google source verification

सूरत

image

Vineet Sharma

Jan 07, 2023

देशभर में सबसे ऊंचा प्रशासनिक भवन सूरत में होगा

देशभर में सबसे ऊंचा प्रशासनिक भवन सूरत में होगा

सूरत. मनपा के नए मुख्यालय का अटका काम अब गति पकड़ेगा। स्थानीय निकायों की बिल्डिंगों में यह सबसे ऊंची बिल्डिंग होगी। स्थाई समिति की शनिवार को हुई बैठक में इसे हरी झंडी मिल गई। बैठक में शहर के गार्डनों को पीपीपी मोड पर देने के लिए पाॅलिसी तय करने के साथ ही नए रास्तों को सीसी रोड में तब्दील करने समेत विकास के दूसरे कामों को भी मंजूरी दी गई। 105.3 मीटर ऊंची मनपा मुख्यालय की नई बिल्डिंग के निर्माण पर 1089 करोड़ रुपए खर्च होने हैं। मेंटिनेंस की लागत के साथ यह रकम 1342 करोड़ होगी।

मनपा प्रशासन के बढ़ते कामकाज को देखते हुए मुगलीसरा की बिल्डिंग छोटी पड़ने लगी है। मनपा के कई विभागों को शहर के दूसरे क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है। इससे समन्वय में अतिरिक्त समय खर्च होता और काम की गति बाधित होती है। लोगों को भी अपने काम के लिए अलग- अलग विभागों में जाने के लिए शहरभर में धक्के खाने पड़ते हैं। इसे देखते हुए मनपा प्रशासन बीते कई सालों से नए मुख्यालय के विकल्प पर काम कर रहा था। सबजेल शिफ्ट होने के बाद मनपा ने राज्यसरकार से रिंगरोड िस्थत सबजेल की जगह को मनपा मुख्यालय के लिए लिया था। इसकी एवज में मनपा ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी जमीन राज्य सरकार को दी थी। उसके बाद से इसकी बिल्डिंग की डिजाइन पर कवायद शुरू हुई थी।शनिवार को हुई स्थाई समिति की बैठक में मनपा मुख्यालय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके निर्माण पर 1089 करोड़ खर्च होंगे। 105.3 मीटर ऊंसा प्रशासनिक भवन ग्राउंड प्लस 27 मंजिला होगा। देशभर में किसी स्थानीय निकाय के भवनों में यह सबसे ऊंचा होगा। बैठक में इसके अलावा शहर के सभी गार्डन को पीपीपी मोड पर संचालित करने के लिए तैयार की गई पॉलिसी को भी मंजूरी दी गई। मनपा प्रशासन शहर में 19 रास्तों को सीसी रोड में बनाने जा रहा है। इसे भी बैठक में मंजूरी दी गई।

अधिकारियों को दिए बिल बनाने के अधिकार

बैठक में अधिकारियों को कुछ मामलोंं में फाइनल बिल बनाने का अधिकार दिया गया। बताया गया कि अब तक मनपा आयुक्त को ही फाइनल बिल बनाने का अधिकार था। इस वजह से ठेकेदारों को समय पर भुगतान में दिक्कत आती थी। इसे देखते हुए समिति ने विशेष मामलों में अधिकारियों को भी फाइनल बिल बनाने का अधिकार दिया है।