
The Veeranjali to the freedom fighter Sardar Singh Rana
बारडोली।शहर के सरदार टाउन हॉल में भाजपा के प्रदेश महामंत्री भरतसिंह परमार की अध्यक्षता में स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी सरदार सिंह राणा के वीरांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने स्वतंत्रत सेनानी सरदार सिंह राणा को श्रद्धाजंलि दी। कार्यक्रम में सरदारसिंह राणा के प्रपौत्र कुलदीपसिंह गोहील उपस्थित थे। उन्होंने सरदारसिंह के जीवन के बारे में उपस्थित लोगों को विस्तृत जानकारी दी।
सरदार टाउन हॉल में आयोजित वीरांजलि कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री भरतसिंह परमार ने कहा कि सरदारसिंह राणा एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक संस्था की तरह थे। हीरा व्यवसाय के साथ जुड़े सरदारसिंह ने देश की आजादी की लड़ाई के लिए सच्चे हीरे चुने थे। उन्होंने देश की आजादी के लिए कई क्रांतिकारियों को तैयार किया। जिसने देश के लिए कुर्बानी दी। उन्होंने कहा कि बारडोली की भूमि पर आज दो सरदार का संगम होने से बारडोली एक तीर्थधाम बन गया। इस अवसर पर सरदारसिंह राणा के प्रपौत्र कुलदीपसिंह गोहील ने सरदारसिंह के जीवन प्रसंगों के बारे मे जानकारी देते हुए कहा कि सरदार सिंह में त्याग की भावना थी। इसी के कारण ही देश कों आजादी मिली। सरदार सिंह राणा ने सामाजिक, शैक्षणिक, अहिंसा और क्रांतिकारी चारों-विचारों के प्रयास से देश की आजादी में अपना योगदान दिया। देश आजाद हुआ तब करीब 60 सांसद ऐसे थे, जिन्होंने सरदारसिंह राणा से छात्रवृत्ति लेकर पढ़ाई की थी।
प्रदेश के केबिनेट मंत्री ईश्वर परमार ने ऐसे कार्यक्रम करने पर सूरत जिला भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को बधाई दी। सूरत जिला प्रभारी व नवसारी सांसद सी.आर. पाटील ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट जीतने का लक्ष्य रखा। सूरत जिला भाजपा प्रमुख दिलीपसिंह राठौड़ ने स्वागत प्रवचन कर सरदारसिंह राणा के जीवन के बारे मे जानकारी दी। वीरांजलि कार्यक्रम के दौरान सरदारसिंह, श्यामजी कृष्ण वर्मा और मदाम भीकाजी कामा द्वारा डिजाइन किए गए राष्ट्रध्वज की पूजा-अर्चना की गई, वहीं ध्वज पर पुष्पवर्षा भी की गई। यह ध्वज 1907 में जर्मनी में फहराया गया था।
लॉ कॉलेज में प्रवेश को लेकर एबीवीपी ने किया विरोध
वीर नर्मद दक्षिण गुजरात यूनिवर्सिटी ने लॉ कॉलेज में प्रवेश के लिए पास किए गए प्रस्ताव का विरोध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की भरुच शाखा ने किया है। नए नियम के कारण छात्र-छात्राओं का भविष्य खराब होने की आशंका व्यक्त कर एबीवीपी ने तत्काल प्रभाव से परिपत्र रद्द करने की मांग की है। वहीं कार्रवाई नहीं होने पर छात्रसंघ ने आंदोलन की चेतावनी दी।
वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी की कानून विद्या शाखा के संदर्भ में अभ्यास समिति की संयुक्त सभा में एक प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें प्रथम वर्ष एलएलबी के प्रथम व द्वितीय सेमेस्टर दोनों को पास करने पर द्वितीय वर्ष एलएलबी के सेेमेस्टर चार में प्रवेश मिलेगा। प्रथम वर्ष एलएलबी के प्रथम अथवा द्वितीय सेमेस्टर को पास करने पर सेकेंड इयर थर्ड सेमेस्टर में प्रवेश पात्र माना गया था।
यूनिवर्सिटी की अभ्यास समिति द्वारा लाए गए प्रस्ताव से छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक वर्ष खराब होने की संभावना छात्रसंघ ने व्यक्त की है। एबीवीपी भरुच के नेता चिंतन जोशी, उदय वसावा, अमिरस ओझा व लॉ कालेज के छात्र-छात्राओं ने परिपत्र का विरोध कर गुरुवार को यूनिर्वसिटी में जाकर वीसी को ज्ञापन दिया। वहीं ४८ घंटे में परिपत्र को वापस नहीं लेने पर एबीवीपी की ओर से उग्र आंदोलन करने की धमकी दी गई है।
Published on:
29 May 2018 10:23 pm
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