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सूरत. आधार कार्ड से पति का नाम हटाने के लिए झूठा हलफनामा देकर पिता का नाम जोडऩा तलाक की वजह बन गया। कोर्ट के समक्ष यह हकीकत सामने आने के बाद कोर्ट ने पति की तलाक याचिका मंजूर कर ली। कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान यह हकीकत भी सामने आई कि पुत्री के नाम से ही भी पिता का नाम हटा लिया गया है। इससे साबित होता है कि पत्नी को वैवाहिक जीवन में कोई रुचि नहीं है।
दिल्ली गेट क्षेत्र निवासी विजय शाह की शादी जामनगर निवासी गीता से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद उनके यहां एक पुत्री का जन्म हुआ, लेकिन कुछ समय बाद पत्नी का बरताव बदल गया। झूठ बोलकर पत्नी पीहर चली गई और उसके बाद लौटी ही नहीं। कई प्रयासों के बाद भी जब पत्नी नहीं लौटी तो पति ने अधिवक्ता प्रीति जोशी के जरिए कोर्ट में तलाक याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता जोशी ने कोर्ट के समक्ष महत्वपूर्ण तथ्य सूबतों के साथ पेश किए। उन्होंने कोर्ट को बताया कि पत्नी ने झूूठा हलफनामा देकर आधार कार्ड से पति का नाम हटाकर पिता का नाम जोड़ लिया है। पुत्री के नाम के पीछे से भी पिता का नाम हटा लिया है। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसी आधार पर माना कि पत्नी को वैवाहिक जीवन में रुचि नहीं है और पति की तलाक याचिका मंजूर कर ली।
14 साल से अलग रह रही थी पत्नी, बेटी के नाम से भी पिता का नाम हटाया, कोर्ट ने कहा यह साबित करता है पत्नी को वैवाहिक जीवन में रुचि नहीं है
Published on:
06 Sept 2022 09:19 pm
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