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सरकारी भूमि से मिट्टी-मोरम की चोरी

बिल्डरों को बेच रहे महंगे दामों में

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सूरत

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Sunil Mishra

May 12, 2019

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सरकारी भूमि से मिट्टी-मोरम की चोरी


सिलवासा. आरक्षित जंगलों और सरकारी गोचर की जमीन से मिट्टी एवं मोरम चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। माफिया जंगल और गोचर की जमीन से मिट्टी, मोरम निकालकर बिल्डरों को ऊंचे दामों में बेच रहे हैं। राजनीति में ऊंची पहुंच होने से इन माफिया के विरूद्ध कार्रवाई नहीं हो पाती है।
प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों में गोचर की जमीन और आरक्षित जंगल हैं। राजस्व विभाग की ओर से मिट्टी, मोरम, कपची, पत्थर आदि खनन पर प्रतिबंध है। अथोला, मोरखल, अथोला, खानवेल में सरकरी जमीन पर मिट्टी की चोरी से गहरे गड्डे पड़ गए हैं। अथोला के जंगल से बेरोकटोक मिट्टी चोरी हो रही है। यह मिट्टी और मोरम ठेकेदार व बिल्डरों को बेच रहे हंै। चिकनी मिट्टी का प्रयोग ईंट बनाने तथा फिलिंग में ज्यादा होता है। मोरम कच्ची सडक़ बनाने में प्रयुक्त होती है। लुहारी के जंगल से मिट्टी चोरी का खेल जारी है। राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों ने सरकारी जमीन से मिट्टी खोदने का धंधा बना लिया है। वन विभाग के गार्ड भी इनके आगे नतमस्तक हैं। मिट्टी की चोरी पकडऩे के लिए तहसीलदार विभाग में कोई निरीक्षक नहीं है। खानवेल में मिट्टी चोरी के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं।