
Surat/ कोर्ट स्थलांतर मामला: आधी रोटी खाएंगे, जियाव नहीं जाएंगे
सूरत. अठवालाइंस स्थित जिला न्यायालय का जियाव-बुडिया में स्थलांतर करने के राज्य सरकार के निर्णय के खिलाफ आंदोलित वकीलों ने गुरुवार को विरोध कर अपनी मांग बुलंद की। दोपहर को जिला न्यायालय से कलेक्टर कार्यालय तक निकाली रैली में 1500 से अधिक वकील शामिल हुए। इस दौरान पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोका, फिर भी वे बैरिकेट तोड़कर घुस गए। इस दौरान वकीलों ने सरकार के निर्णय के खिलाफ नारे भी लगाए और प्ले कार्ड के साथ विरोध जताया। वकील मंडल और बिल्डिंग कमेटी के सदस्यों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप किसी भी हाल में जियाव-बुडिया नहीं जाने की मांग दोहराई।
राज्य सरकार की ओर से अठवालाइंस स्थित सूरत जिला न्यायालय का स्थलांतर करने का निर्णय किया है और इसके लिए जियाव-बुडिया में जगह आवंटित की गई है, लेकिन प्रदूषण समेत विभिन्न समस्याओं के कारण वकील शुरू से इस निर्णय का विरोध कर रहे हैं। सूरत जिला वकील मंडल में प्रस्ताव पारित कर वकीलों की ओर से आंदोलन शुरू किया गया है। स्थलांतर के विरोध में जारी आंदोलन के क्रम में गुरुवार को सूरत जिला वकील मंडल की अगुवाई में रैली का आयोजन किया गया था। इस दौरान वकीलों ने हाथों में प्लेकार्ड थामे हुए थे और ‘आधी रोटी खाएंगे, जियाव नहीं जाएंगे’, ‘सरकारी कार्यालय शहर में और न्याय मंदिर जगंल में’, ‘वकील एकता जिंदाबाद’, वी वोंट जस्टिस’ आदि नारे लगाते हुए विरोध जताया। रैली के कलेक्टर कार्यालय पहुंचने पर पुलिस ने गेट पर ही वकीलों को रोक लिया, लेकिन वकीलों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। इस बीच वकील बैरिकेट तोड़कर अंदर घूस गए। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय का परिसर नारों से गूंज उठा। सूरत जिला वकील मंडल के प्रमुख पी.टी.राणा, सीनियर अधिवक्ता कल्पेश देसाई की अगुवाई में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप गया। कलेक्टर ने वकीलों को भाठा व खजोद स्थित दो जगह सुझाई। प्रतिनिधि वकीलों ने कहा कि फिलहाल कलेक्टर की ओर से दो जगह चयन के लिए सामने रखी है, जगह का मुआयना करने के बाद ही वकील अपना पक्ष बताएंगे।
इसलिए नहीं जाना चाहते वकील
वकील कमेटी के सदस्य उदय पटेल ने बताया कि जियाव-बुडिया में जो जगह सौंपी गई है, उसके पास की जमीन एक कैमिकल कंपनी को दी गई है। यहां प्रदूषण की बड़ी समस्या है। प्रदूषण के कारण आसपास के गांव के लोग कैंसर आदि बीमारी के शिकार हुए हैं। पास में ही हाइवे है और रोजाना सड़क हादसे होते हैं। महिला वकीलों के लिए इतनी दूर रोज जाना मुश्किल हो जाएगा और उन्हें प्रैक्टिस छोड़ने की नौबत आएगी। इस कारण वकीलों ने किसी भी हाल में जियाव-बुडिया नहीं जाने का निर्णय किया है। इसके लिए आत्मविलोपन करने तक की चेतावनी भी दी है।
Published on:
20 Jul 2023 09:30 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
