
सूरत.
बैंक महाघोटाले में फंसे नीरव मोदी की सूरत की कंपनी बंद हो जाने से एक हजार से ज्यादा कर्मचारी सड़कों पर आ गए हैं। गुरुवार को उन्होंने धरना प्रदर्शन कर बकाया वेतन दिलाने की मांग की।
पंजाब नेशनल बैंक से 11,400 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में देशभर में नीरव मोदी की कंपनियों पर छापा मारा जा रहा है। कई स्थानों पर ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग ने कंपनी और उसके बैंक अकाउंट अटैच कर दिए हैं। सूरत में भी पिछले गुरुवार को ईडी और सीबीआई ने संयुक्त तौर पर नीरव मोदी की फायर स्टार डायमंड और अन्य दो यूनिट पर छापा मारा था। आयकर विभाग ने भी यहां जांच कर कंपनी के पांच बैंक अकाउंट जब्त कर लिए। नीरव मोदी की कंपनियों पर जांच कार्रवाई के कारण एक सप्ताह से कारखाने बंद हंै। इससे यहां काम करने वाले 1000 से अधिक कर्मचारियों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। कर्मचारी रोज सुबह कंपनी खुलने की उम्मीद में जाते हैं और दो-तीन घंटे बाद निराश लौैट जाते हैं। कंपनी बंद होने के कारण उनकी नौकरी चली गई और वेतन मिलने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं। गुरुवार को सेज के बाहर लगभग 400 कर्मचारी इकट्ठे हुए। उन्होंने धरना देकर सरकार से उनके दो महीने का वेतन दिलाने के लिए नारे लगाए। उनका कहना था कि कर्मचारियों में से कइयों ने लोन लिए हैं, कइयों के घर में कार्यक्रम हैं, वह कैसे गुजारा चलाएंगे। कइयों ने नीरव मोदी जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
बैंक महाघोटाले में फंसे नीरव मोदी की सूरत की कंपनी बंद हो जाने से एक हजार से ज्यादा कर्मचारी सड़कों पर आ गए हैंएक कर्मचारी सुनील पाटिल ने बताया कि पिछले दो महीने से कंपनी से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों की हालत खराब है। कंपनी बंद होने से एक हजार से अधिक श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। यदि सरकार उनके लिए नौकरी की व्यवस्था नहीं करेगी तो उनकी मुसीबत बढ़ जाएगी।
Published on:
22 Feb 2018 08:37 pm
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